चलती हुई कार बन गई आग का गोला, बाल-बाल बचा गाड़ी मालिक

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सुल्तानपुर. “जाको राखे साइँया मार सके न कोई” बरसों से प्रचलित ये कहावत समय-समय पर चरित्रार्थ होती रहती है। शुक्रवार को ये कहावत एक बार फिर उस समय चरित्रार्थ हुई जब फैजाबाद-इलाहाबाद हाईवे के कोतवाली देहात थाने के नकराही के पास एक चलती हुई इंडिगो कार आग का गोला बन गई। बस भाग्य ही था के गाड़ी चालक कूद कर गाड़ी से निकल गया और सुरक्षित बच गया।

घटना की कहानी लोगों की जुबानी

फैजाबाद-इलाहाबाद हाईवे पर कोतवाली देहात थाना अन्तर्गत नकराही गाँव आता है, यहां बड़ी मज़ार के बने होने से इलाके काफी पहचान रखता है।
शुक्रवार को इसी मज़ार से कुछ दूरी पर एक इंडिगो कार जिसका नम्बर यूपी 44 एम 2892 था पहुँची ही थी कि एकाएक उसमें आग लग गई।
देखते ही देखते कार में लगी आग ने विकराल रूप ले लिया या यू कहा जाए के कार पूरी तरह आग का गोला बन चुकी थी।
बस गनीमत ये था के कार पर एक ही व्यक्ति था जो कार ड्राइव कर रहा था उसने हिम्मत नहीं हारा।
सूझबूझ का इस्तेमाल करते हुए वो चलती हुई कार का गेट खोलकर कूद पड़ा और अपनी जान बचाई।

व्यापारी के रूप में हुई वाहन स्वामी की शिनाख्त
इस बीच आसपास खड़े लोग और शोर गुल होने पर गाँव के लोग मौके पर जमा हुए।
लोगों ने पहले उसको संताव्ना दी फिर उससे पूछताछ किया।
जहाँ उसकी शिनाख्त चांदा थाना क्षेत्र के बाज़ार निवासी गोविंद कुमार आग्रहरी जो की व्यापारी है के रूप में हुई।

मौके पर पहुँच पुलिस ने किया जाँच
उधर ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दिया।
बड़ी ख़बर के मिलते ही एसओ कोतवाली देहात आजाद केसरी मौके पर पहुँचे।
उन्होंने घटना स्थल की जाँच किया और आगे भी हादसे के पड़ताल की बात कही है।

क्या कहते हैं एक्स्पर्ट
इस बावत जानकारी करने पर मारुति आटो गैरेज के प्रबंधक इलियास खान ने जो व्यू दिए वो  घटना को लेकर काफी चौंकाने वाले हैं।
इलियास खान का कहना है कि टाटा की इंडिगो कार या तो डीजल इंजन पर आधारित होती है या पेट्रोल इंजन पर।
उन्होंने बताया के अगर पेट्रोल इंजन पर आधारित इंजन था तो आमतौर से लोग इस इंजन के होते हुए गैस किट लगाकर पेट्रोल बचत का काम करते हैं।
ऐसे में गैस के रिसाव से आग लग सकती है।
वहीं डीजल इंजन होने पर उन्होंने बताया के अगर कार डीजल इंजन पर आधारित है तो शाट सर्किट से आग लग सकती है।