मुरादाबाद में नमाज पढ़ने से रोका गया, मुस्लिमों ने दी पलायन की धमकी, आरएसएस नेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज

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मुरादाबाद के एक गांव में मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोकने पर तनाव फैल गया है। इसके विरोध में मुस्लिम समाज के लोग गांव से पलायन करने की बात कह रहे हैं। इस विवाद में आरएसएस के एक किसान नेता का नाम सामने आ रह है, जिसने कुछ दिनों पहले मस्जिद के विरोध में एक मीटिंग बुलाई थी। इसके बाद से ही पुलिस मस्जिद के बाहर पहरा दे रही है और मुस्लिम समाज के लोग इसके विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं।

अमरोहा के सैदनगली थाना इलाके के सकतपुर गांव में बीते दिनों यहां आरएसएस के संगठन भारतीय किसान संघ के संगठन मंत्री सुखरामपाल राणा ने गांव में मौजूद एक मस्जिद के विरोध में मीटिंग बुलाई। मीटिंग में किसान नेता ने मस्जिद और गांव में मौजूद मुस्लिम समाज के विरोध में नारेबाजी भी की। इसके बाद पुलिस मस्जिद के बाहर पहरा दे रही है। वहीं लोग मस्जिद में नामज पढ़ने से रोकने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं।

गांव में मौजूद मुस्लिम समाज के लोगों ने गांव से पलायन की बात भी कही है। गांव के रहने वाले अहमद खान ने कहा- ”सरकार बदलने के बाद से हमें नमाज नहीं पढ़ने दे रहे। पुलिस ने हमें जबरदस्ती मस्जिद से बाहर निकाल दिया गया। ये एकतरफा कार्यवाही कर रहे हैं। हमारी नहीं सुन रहे। हम सब यहां से चले जाएंगे, पलायन कर देंगे। हमें हाथ पकड़कर बाहर निकाल दिया, एसओ वहीं बैठे थे। एसओ ने हमसे कहा कि अपने घर पर नमाज पढ़ो नहीं तो जेल भेज देंगे।

अमरोहा पुलिस ने सैदनगली थाने में आरएसएस नेता सुखरामपाल राणा और उसके समर्थकों के खिलाफ साम्प्रदायिक सदभाव बिगड़ने, शांति भंग करने और नफरत फैलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि गांव में मस्जिद नहीं मदरसा है, लेकिन एक दूसरे समुदाय को इसमें नमाज़ पढ़ने को लेकर आपत्ति है, इसलिए नमाज़ पढ़ने से रोका गया है।