यूपी में मोदी की सरकार से सेंसेक्स के नए रिकॉर्ड की उम्मीद

15
SHARE

बीजेपी की यूपी विधानसभा चुनावों में जबरदस्त जीत के बाद बाजार विश्लेषकों का अनुमान है की भारतीय शेयर बाजारों में भी जोरदार तेजी देखने को मिल सकती है| कोटक सिक्युरिटीज के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट अनिंद्य बनर्जी ने कहा, बीजेपी की धमाकेदार जीत से अगले सप्ताह शेयर बाजारों में तेजी का रुख रहेगा| राजनीतिक दृष्टिकोण से यूपी सबसे अहम राज्य है| इस जीत से केंद्र सरकार को काफी राजनीतिक बल मिलेगा और यह बाजार के लिए भी काफी सकारात्मक रहने वाला है|

च्वाइस इक्विटी ब्रोकिंग के सुमित बगाड़िया ने कहा कि होली की छुट्टी के बाद मंगलवार को जब बाजार खुलेंगे तो निफ्टी 9100 के स्तर को छू सकता है| पिछले हफ्ते निफ्टी 9,000 के स्तर के आसपास बना रहा| निवेशकों ने चुनाव नतीजों के इंतजार में सतर्क रुख अपनाए रखा जिस कारण निफ्टी 9,000 के आंकड़े के पार नहीं निकल पाया|शुक्रवार को निफ्टी 8,934 पर बंद हुआ था| मार्च 2015 में निफ्टी ने 9,119 का लेवल छुआ था, जो इसका अब तक का सर्वोच्च स्तर है|

जियोजित बीएनपी परिबास फाइनेंसियल सर्विसेज के गौरांग शाह का कहना है कि आने वाले दिनों में निफ्टी 9,500 के स्तर को छू सकता है| विश्लेषकों का मानना है कि यूपी में बीजेपी को निर्णायक जनादेश मिलने से सरकार के आर्थिक सुधारों के एजेंडे को बल मिलेगा और राज्यसभा में भी उसकी स्थिति मजबूत बनेगी| ट्रेडबुल्स के निदेशक और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर ध्रुव देसाई ने कहा, यूपी के जनादेश के बाद सरकार आर्थिक सुधारों को लेकर और ठोस कदम उठा सकती है, जिससे देश में काफी संरचनात्मक बदलाव होंगे|

वहीं बाजार के जानकार अजय बग्गा के मुताबिक संसद के मौजूदा बजट सत्र और जीएसटी बिल पर अहम प्रगति पर भी बाजार की निगाहें होंगी| सरकार 1 जुलाई से जीएसटी को लागू करने के प्रयास में है| साथ ही उन्होंने कहा कि वैश्विक मोर्चे पर ब्याज दरों पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व का रुख, ट्रंप सरकार की नीतियों और फ्रांस के चुनावी नतीजों पर भी नजरें रहेंगी| ब्याज दरों पर फेडरल रिजर्व के पैनल की मार्च 14-15 को अहम बैठक होगी|

इस साल अब तक सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 10 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई है|तीसरी तिमाही के उम्मीद से बेहतर जीडीपी आंकड़े, कंपनियों के अच्छे तिमाही परिणाम, सकारात्मक बजट और विदेशी बाजारों की मजबूती से भी भारतीय बाजारों को बल मिला| घरेलू निवेशकों की ओर से बेहतर लिवाली और रुपये में स्थिरता से भी बाजार की धारणा मजबूत हुई है|