मोदी ने कहा, “जो हमारे साथ उनका भला हो, जो साथ नहीं उनका भी भला हो”

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मोदी ने कहा, “जो हमारे साथ होंगे, उनका भला हो। जो साथ नहीं होंगे, उनका भी भला हो। ये हमारे लिए कुछ दिखाने का चुनाव है। उत्तर प्रदेश में भारी बहुमत के साथ सरकार बनाइए। ताकि प्रदेश के भाग्य को बदलने के लिए कोई रुकावट न आए। देखते ही देखते उत्तर प्रदेश बदल जाए।हम लोगों के सुख-चैन का वादा करते हैं। जब हमने कारोबारियों-गरीबों के लिए योजनाएं बनाईं तो उन्हें परेशानी हो गई। उनकी कुर्सियां हिल गईं। अब जमीन खोज रहे हैं|”
पीएम ने कहा, “एक तरफ उत्तर प्रदेश की जनता परिवर्तन के लिए संकल्प कर चुकी है। कुछ दलों का तो उत्तर प्रदेश में पता ही नहीं है। एक दल, अपने बेटे को प्रस्थापित करने के लिए पिछले 15 साल से कोशिश कर रहा है। लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा। दूसरा दल, पैसे बचाने में लगा हैं। तीसरा दल, परिवार का क्या होगा, इसमें लगा है|”
मोदी के अलावा बीजेपी चीफ अमित शाह और होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह ने भी रैली को संबोधित किया। बीजेपी ने कहा कि इस रैली में 10 लाख लोग शामिल हुए। 
पीएम ने कहा, “मैं लोगों से कहना चाहता हूं कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई चलती रहेगी। लोगों का शोषण किया है। उसी को रोकने के लिए लड़ी छेड़ी है। मुझे आपका आशीर्वाद चाहिए। अब जनता को तय करना है जो पैसा बचाने में लगे हैं, जो परिवार में लिपट गए हैं, वो उत्तर प्रदेश को बचा पाएंगे क्या?
कांग्रेस और राहुल गांधी पर तंज कसते हुए पीएम ने कहा, “कुछ दलों का तो उत्तर प्रदेश में पता ही नहीं है। एक दल अपने बेटे को प्रस्थापित करने के लिए पिछले 15 साल से कोशिश कर रहा है। लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा। दूसरा दल, पैसे बचाने में लगा हैं। तीसरा दल- परिवार का क्या होगा, इसमें लगे हैं। दो दलों के बीच राजनीति समझी जा सकती है लेकिन जनता के साथ राजनीति नहीं होनी चाहिए। आपने कभी सपा-बसपा वालों को साथ देखा है। दोनों के बीच में विरोध है कि नहीं? लेकिन इस मुद्दे पर इकट्ठे हो गए। वो कहते हैं- मोदी को हटाओ। मैं कहता हूं- काला धन हटाओ।”
बीजेपी को यूपी की सत्ता से बाहर हुए 14 साल हो गए हैं। इस मुद्दे का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा, “लोग कहते हैं कि बीजेपी का 14 साल का वनवास खत्म होगा। बीजेपी कभी इस तराजू से नहीं तौलती। मुद्दा ये नहीं है कि 14 साल के लिए यूपी में बीजेपी का वनवास हो गया। मुद्दा ये है कि इस प्रदेश में विकास का वनवास हो गया है। 14 साल बाद यूपी की धरती पर विकास का नया अवसर आने का नया नजारा देख रहा हूं।जो पॉलिटिकल पंडित हैं। यूपी का चुनाव किस दिशा में जाएगा, उसका हिसाब जो लगा रहे हैं। अब किसी को मेहनत नहीं करनी पड़ेगी कि क्या होने वाला है। हवा का रुख साफ-साफ नजर आ रहा है। ये लखनऊ की धरती अटल बिहारी वाजपेयीजी की कर्मभूमि है। अटलजी जैसे महापुरुषों ने अपनी जवानी इस धरती पर खपाई|