योगी सरकार ने अपने शासनकाल की 729 हत्या, 60 डकैती और 803 रेप केस पर दिया जवाब

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मंगलवार को विधानसभा में यूपी के संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि कहा कि प्रदेश अपराध शून्य नहीं हो सकता है, लेकिन सरकार अपराधियों को संरक्षण नहीं दे रही हैं। हत्या और रोड होल्डअप की घटनाओं में कमी आई है और सभी तरह के मामले दर्ज हो रहे है।

कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार के जवाब से असंतुष्ट सपा और कांग्रेस के सदस्यों ने मंगलवार को विधानसभा से बहिगर्मन किया।

पारसनाथ यादव और शैलेंद्र यादव ललई समेत कई सपा सदस्यों ने सरकार से 15 मार्च से 9 मई तक हुई हत्याओं, डकैती, छिनैती, बलात्कार की घटनाओं की जानकारी मांगी। पूछा कि अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए क्या कोई प्रभावी कार्ययोजना बनाई गई है।

संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि इस अवधि में हत्या की 729, डकैती की 60, लूट (छिनैती) की 799, अपहरण की 2682 और बलात्कार के 803 केस दर्ज हुए हैं। इस अवधि में तीन पर रासुका, 126 पर गैगस्टर और 131 पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

पारसनाथ ने पूछा कि इन घटनाओं में कितने अभियुक्त जेल में हैं और कितने कमजोर पैरवी से जमानत पर रिहा हुए हैं? लोगों को फर्जी मामलों में फंसाया जा रहा है।

ललई ने पूछा कि सभी की एफआईआर दर्ज हो रही हैं तो रायबरेली में पांच लोगों की हत्या के प्रकरण में दूसरे पक्ष की एफआईआर क्यों दर्ज नहीं हुई। बसपा के लालजी वर्मा ने कहा कि उनके पास जो आंकड़े हैं, उसके मुताबिक अपराधों में ढाई गुना वृद्धि हुई है।

इस पर संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि हत्या व रोड होल्डअप के मामलों में कमी आई है। पिछले साल से अपराधों का तुलनात्मक चार्ट उपलब्ध करा दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पहले अपराधों की रिपोर्ट नहीं लिखी जाती थीं। अब अपराध छोटा हो या बड़ा, सभी दर्ज हो रहे हैं। रामगोविंद चौधरी ने कहा कि अपराध सुरसा के मुंह की तरह बढ़ रहे हैं लेकिन सरकार समुचित जवाब नहीं दे रही है।