राम रहीम के लाखों समर्थक पंचकूला पहुंचे, हाईकोर्ट नाराज, कहा एक भी जान गयी तो डीजीपी जिम्‍मेदार

116
SHARE

25 अगस्त को सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ पंचकूला सीबीआइ कोर्ट में चल रहे साध्वी यौन शोषण मामले में फैसला आने से पहले ही लाखों डेरा समर्थक पंचकूला पहुंच गए हैं।

पंजाब ह​रियाणा हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए हरियाणा सरकार, पुलिस व केंद्र सरकार फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए कहा कि हालात काबू करने में हरियाणा पुलिस फेल साबित हो रही है तो क्यों न हरियाणा के डीजीपी को डिसमिस कर दिया जाए।

इस संबंध में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में एक याचिका दायर करते हुए मामले में उचित आदेश देने की मांग की गई। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की और केंद्र सरकार को आदेश दिए।

हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस ने केंद्र को आदेश दिया कि वो इस मामले में सख्त तुरन्त कदम उठाये, क्योंकि हरियाणा सरकार इस मामले में विफल नजर आ रही है। केंद्र और फोर्स तैनात करें, हम नही चाहते कि जाट आंदोलन जैसा हाल हरियाणा में हो।

कोर्ट ने कहा कि अगर आप कुछ नही कर सकते तो हम आर्मी को आदेश दें। इस पर केंद्र सरकार के वकील ने उचित कदम उठाने का हाईकोर्ट को आश्वाशन दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि वो तीन दिन से देख रहे कि की क्या हो रहा है।

हाईकोर्ट ने केंद्रीय गृह सचिव को इस मामले में तुरन्त उचित संख्या में सुरक्षा बल की तैनाती के आदेश दे। हाईकोर्ट ने कहा कि इस बाबत लंच के बाद कोर्ट को रिपोर्ट दी जाए। हाईकोर्ट ने आई बी को भी कहा कि वो राज्य सरकार को इनपुट दे।

हाईकोर्ट ने कहा है कि अगर एक भी जान जाती है तो इसके लिए डीजीपी जिम्‍मेदार होंगे। हाईकोर्ट ने केंद्र और हरियाणा सरकार से सुरक्षा बंदोबस्‍त को लेकर सवाल किए। हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार से पूछा कि वक्‍त रहते सही कदम क्‍यों नहीं उठाए गए। इतनी कम सेना क्‍यों भेजी?

हाईकोर्ट ने कहा कि यदि मामले में कोई भी अप्रिय घटना हुई तो डीजीपी जिम्‍मेदार होंगे। एक भी जान गई तो डीजीपी को सस्‍पेंड कर देंगे, सुप्रीम कोर्ट जाना है तो जाएं। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे ही हालात जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान भी पैदा हुए थे। अब ऐसा नहीं होना चाहिए।