मायावती ने कांग्रेस के लिए दरवाजे बंद किए, गठबंधन की कोशिशों को बड़ा झटका

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बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने कांग्रेस के साथ किसी तरह के संभावित गठबंधन को सिरे से नकार दिया है। मायावती का कहना है कि कांग्रेस भी बीजेपी की तरह ही उनकी पार्टी (बीएसपी) को खत्म करने की साजिश करती है, इसीलिए ऐसी पार्टी से गठबंधन का सवाल ही नहीं उठता।

मायावती ने इसके साथ ही मध्य प्रदेश और राजस्थान में अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। बीएसपी इन दोनों राज्यों में अपने उम्मीदवार उतारेगी। बताते चलें कि कुछ ही दिनों पहले मायावती ने छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस के साथ गठबंधन की बजाय अजीत जोगी की पार्टी के साथ गठबंधन किया था जहां उनकी पार्टी 35 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। मायावती ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं हो सकता।

मायावती से सीधा सवाल किया गया कि क्या कांग्रेस के साथ अब भविष्य में किसी तरह के गठबंधन की संभावना बची है तो उनका साफ कहना था कि इसके बारे में उन्होंने सबकुछ बोल दिया है। अब मायावती ने जो कुछ बोला उससे तो साफ है कि कांग्रेस के साथ भविष्य में भी कोई गठबंधन उनकी पार्टी नहीं करने वाली।

मायावती का यह फैसला 2019 के आगामी लोकसभा चुनावों के लिए महागठबंधन की कोशिशों को बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है। अभी तक समाजवादी पार्टी चीफ अखिलेश यादव इसके लिए प्रयासरत थे और वह कई बार कह चुके हैं कि गठबंधन तो हो के रहेगा, अखिलेश महागठबंधन में कांग्रेस और आरएलडी को भी साथ रखने के पक्षधर हैं लेकिन मायावती के रुख से साफ है कि महागठबंधन में वो कम से कम कांग्रेस को तो जगह नहीं देने वाली।

मायावती लगातार कहती रही हैं वो गठबंधन से पीछे नहीं हटेंगी लेकिन गठबंधन तभी होगा जब उनकी पार्टी को सम्मानजनक सीटें मिलेंगी। उत्तर प्रदेश में बीएसपी बड़ी ताकत है लेकिन छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस बड़ी पार्टी है। मायावती इन राज्यों में भी सम्मानजनक सीटें चाहती थीं लेकिन शायद यह कांग्रेस को मंजूर न था। मायावती के फैसले के बाद अब यूपी में भी महागठबंधन पर संकट के बादल मंड़राने लगे हैं।