प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठ कर घटिया बात करते हैं मोदी : मायावती

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बसपा सुप्रीमो मायावती ने मोदी पर हमला करते हुए कहा कि वो पीएम की कुर्सी पर बैठकर घटिया बातें करते हैं। इसके साथ ही मोदी की गाजीपुर रैली को लेकर माया ने कहा कि यह रैली बुरी तरह से फ्लॉप हुई है। इस रैली में भ्रष्‍टाचार का पैसा उड़ाया गया है। रैली में लोगों को लाने के लिए 250-250 के हिसाब से रुपए बांटे गए थे। मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस करके कहा कि बीजेपी के लोग मेरे बारे में नोटों की माला की बात करते हैं। एक दलित की बेटी को नोटों की माला पहना दिया जाए, यह बात इनको अच्‍छी नहीं लगती। प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठकर यह घटिया बात करेंगे, तो यह साबित होता है कि इनकी दलितों के प्रति मानसिकता बदली नहीं हैं।
मोदी दूध के धुले नहीं : मायावती
मायावती ने आगे कहा कि बीजेपी के लोगों ने गाजीपुर की रैली कामयाब बनाने के लिए पूरी ताकत लगाई थी। रैली में बिहार के लोग भी पहुंचे थे। कालाधन से 250-250 रुपए देकर बसों में लोगों को रैली में लाया गया। इतना ही नहीं, रैली के लिए सरकारी रेल को फ्री कर दिया गया। बिना भाड़े के रैली में लोगों को लाया गया। पूरी ताकत लगाने के बाद भी रैली फ्लॉप हो गई है। रैली में सिर्फ 20 हजार लोग आए। मीडिया को मैनेज कर भीड़ दिखाई गई। बीजेपी ने इस रैली के माध्‍यम से कालेधन को सफेद किया है। क्‍या नरेंद्र मोदी इसका जवाब देंगे?
मायावती ने कहा कि मोदी दूसरों से पहले खुद के बारे में बताएं कि वो भ्रष्‍टाचार को लेकर क्‍या कर रहे हैं। मोदी भी दूध के धुले नहीं हैं।
– प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पूरे भाषण के दौरान आज जो कुछ कहा वो ‘थोथा चना बाजे घना’ की तरह है। मोदी ने कहा कि बेइमानों से काली कमाई का हिसाब लेंगे। यह अच्‍छी बात है। वहीं, दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने ललित मोदी और विजय माल्‍या को भगा दिया।
जनता को बीजेपी सरकार ने सामूहिक तौर पर दी सजा
– देश की आम जनता को बीजेपी सरकार ने सामूहिक तौर पर कड़ी सजा दी है।
– इसके अलावा भारत बंद का जो आयोजन भाजपा सरकार द्वारा किया गया है, उससे अच्‍छे दिन की उम्‍मीद खत्‍म हो गई है।
– बसपा भी भ्रष्‍टाचार के खिलाफ है, लेकिन जिस तरह से यह फैसला लिया गया वो गलत है।
– इससे लोगों को बहुत बुरे दिनों का सामना करना पड़ रहा है।
विधानसभा चुनाव से कर रहे घोषणाएं
आज पूरे पूर्वांचल क्षेत्र नरेंद्र मोदी से यह जानना चाहती है कि पूर्वांचल के विकास के लिए इन्‍होंने क्‍या किया। शायद इसका जवाब वो नहीं दे पाएंगे। अब विधानसभा चुनाव से पहले कुछ घोषणाएं कर रहे हैं। जब ढाई साल में कुछ नहीं हो पाया, तो अब क्‍या होगा। बिहार के पैटर्न पर यूपी के चुनाव से पहले जगह-जगह जाकर घोषणाएं करेंगे। रेल को हरी झंड़ी तो रेल मंत्री भी दिखा सकता है, लेकिन प्रधानमंत्री पहुंचे।
अलग स्‍टेट बने पूर्वांचल
पूर्वांचल के लोग चाहते हैं कि उनका अलग से स्‍टेट बने। पीएम कुछ करना चाहते हैं तो उनका स्‍टेट बना दें। साथ ही उनको विशेष आर्थिक सहायता देने की जरूरत है। लेकिन वो यह काम करने के बिना इधर-उधर की बातें करते हैं।