आर्मी के लिए डोनेशन वॉलंटरी होता है, यह गर्दन पकड़कर नहीं लिया जाता: पर्रिकर

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पाकिस्तानी आर्टिस्ट के साथ काम करने वाले फिल्म प्रोड्यूसर्स की तरफ से आर्मी फंड में 5 करोड़ रुपए डोनेट करने के प्रपोजल पर केंद्र के दो मंत्री राजी नहीं हैं। मनोहर पर्रिकर का कहना है कि इसमें डोनेशन वॉलंटरी होता है। किसी की गर्दन पकड़कर नहीं लिया जा सकता। बता दें कि ‘ऐ दिल है मुश्किल’ की रिलीज के लिए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने करन जौहर के सामने 5 करोड़ रुपए आर्मी वेलफेयर फंड में डोनेट करने की शर्त रखी थी। इसके बाद से यह विवाद शुरू हुआ। केंद्रीय मंत्री वैंकया नायडू और महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फड़णवीस ने भी एमएनएस की इस मांग को सही नहीं ठहराया है।एमएनएस ने करन जौहर के सामने रखी थी तीन शर्त…
– एमएनएस करन जौहर की मूवी ‘ऐ दिल है मुश्किल’ की रिलीज का पाकिस्तानी कलाकारों की वजह से विरोध कर रही थी। बता दें कि इसमें दो पाक एक्टर्स फवाद खान और इमरान अब्बास नकवी ने काम किया है।
– इस विवाद को सुलझाने के लिए महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फड़णवीस ने अपने घर पर 22 अक्टूबर को एक अहम मीटिंग बुलाई। इसमें सीएम के अलावा मूवी के प्रोड्यूसर करन जौहर, प्रोड्यूसर्स गिल्ड के प्रेसिडेंट मुकेश भट्ट और राज ठाकरे मौजूद थे।
– राज ठाकरे ने विरोध वापस लेने के एवज में तीन शर्तें रखीं जो मान ली गईं। पहली शर्त थी- ‘ऐ दिल…’ की शुरुआत में शहीदों के सम्मान में एक मैसेज दिखाया जाए। दूसरी- प्रोड्यूसर्स अब पाक आर्टिस्ट्स के साथ काम न करें। तीसरी- जिन फिल्मों में पहले से पाक एक्टर्स हैं, उन्हें 5 करोड़ आर्मी रिलीफ फंड में देने होंगे।
– बता दें कि यह फिल्म 28 अक्टूबर को रिलीज होने वाली है।
पर्रिकर ने कहा- सरकार का मकसद शहीदों को बराबर मदद मिले
– दिल्ली में मंगलवार को नेवल कमांडर्स कॉन्फ्रेंस के दौरान मनोहर पर्रिकर ने कहा- “डोनेशन वॉलंटरी होता न कि किसी पर दबाव डालकर। सरकार ने बैटल कैजुअल्टी फंड को इसलिए बनाया ताकि लोग शहीदों या जवानों की फैमिली को इच्छा से डोनेशन दे सकें। इसे डिफेंस मिनिस्ट्री की एजीबी (एजुटेन्ट जनरल ब्रांच) की मदद से इसे चलाया जाएगा।”
– “इस फंड में दान के लिए कई लोग कहते रहते हैं। पहले लोग शहीदों या जवानों की फैमिली को सीधे चेक देते थे। अब सरकार की सोच है कि सभी शहीदों की फैमिली को बराबर की रकम मिल सके।”
नायडू ने कहा- एमएनएस की डिमांड जायज नहीं
– केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने मंगलवार को कहा- “एमएनएस ने प्रोड्यूसर्स के सामने गलत प्रपोजल रखा। हम इससे सहमत नहीं हैं।”
– उधर, महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फड़णवीस ने भी कहा कि मैंने एमएनएस की मांग का समर्थन नहीं किया था, लेकिन प्रोडयूसर्स ने इसे मंजूर कर लिया था।
– उन्होंने कहा कि एक डेमोक्रेटिक सरकार को एक वक्त पर अलगाववादियों से भी बात करनी पड़ती है। मैंने विवाद को सुलझाने के लिए कोशिश की थी।
पाक कलाकारों को लेकर क्यों भड़का गुस्सा?
– उड़ी आतंकी हमले में 19 सैनिकों के शहीद होने के बाद एमएनएस ने भारत में पाकिस्तानी कलाकारों को बैन किए जाने की मांग की थी।
– एमएनएस ने पाक कलाकारों को धमकी दी कि वे भारत छोड़ दें, नहीं तो उन्हें भगा दिया जाएगा।
– कई भारतीय फिल्म कलाकारों और ऑर्गनाइजेशंस ने एमएनएस की मांग का सपोर्ट किया।
– इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर एसोसिएशन यानी IMPPA ने भी पाकिस्तानी कलाकारों पर बैन का फैसला किया।
– इसके बाद सिनेमा ओनर्स एक्जिबिटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COEAI) ने पाकिस्तानी कलाकारों के रोल्स वाली फिल्मों की रिलीज पर रोक लगाने का फैसला किया है।