मोदी सरकार के खिलाफ ममता का मोर्चा, लेफ्ट से भी मांगा साथ

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भारत में 500 और 1000 रुपए के नोट बैन को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विरोध जताया है. मोदी सरकार पर फिर से प्रहार करते हुए ममता बनर्जी ने शनिवार को इसे ‘काले’ राजनीतिक निर्णय को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि यह आम आदमी के खिलाफ है.

ममता बनर्जी ने ट्वीट किया कि इस ‘काले’ राजनीतिक निर्णय को वापस लें जो आम आदमी के खिलाफ है. पूरे भारत के बाजार बर्बाद हो गए, खरीदने की क्षमता खत्म हो गई, लोग दुखी हैं. बनर्जी ने कहा कि वह पहले भी ऐसा कह चूकी हैं.

दीदी ने कहा कि मैंने सुबह से कई बैंक शाखाओं और एटीएम का दौरा किया. मैंने लोगों से बात की कि वे कैसे इस बिना योजना के और जन विरोधी नीति से परेशान हैं. जिन लोगों के पास काला धन है वे लंबी कतारों में खड़े नहीं हैं. ममता बनर्जी ने कहा कि इसे मोदी सरकार को तुरंत निर्णस वापस लेना चाहिए.

इससे लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. अधिकतर एटीएम अब भी बंद हैं. परिवार चलाने के लिए आम आदमी कहां से धन लाएगा. उन्होंने कहा कि घंटों कतार में खड़ा रहने के बाद लोगों को 2000 का एक नोट मिल रहा है.

उन्होंने कहा कि इस 2000 के एक नोट का उपयोग वे अपनी रोजाना की जरूरतों के लिए कैसे करेंगे? उन्हें कम कीमत के करंसी नोट नहीं मिल रहे हैं. पूरी तरह अराजकता और गुस्सा है.

बनर्जी ने कहा कि लेकिन जिस तरीके से युवा, बूढ़े और हर कोई पीड़ित है, मैं फिर केंद्र सरकार से अपील करती हूं. ममता बनर्जी ने कहा कि यह बड़ा काला घोटाला बन गया है. आम आदमी की कठिनाईयां बढ़ गई हैं और धन शोधन करने वालों को पूरा लाभ मिल रहा है.

उन्होंने कहा कि हमारे और मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (माकपा) के बीच भले ही विचारधारा का मतभेद हो लेकिन देश को बचाने के लिए हम उसके, कांग्रेस, सपा और बसपा के साथ काम करने के लिए तैयार हैं.

बनर्जी ने कहा था कि हम इस राजनीतिक और वित्तीय अराजकता से मिलकर लड़ें. हम आप सभी के साथ हैं. प्रधानमंत्री की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा था कि ‘भारत के लोगों को गरीब बनाकर नरेंद्र मोदी जापान चले गए हैं.’

तृणमूल कांग्रेस ने नोट अमान्य करने के मुद्दे पर राज्यसभा में 16 नवंबर को चर्चा कराने के लिए नोटिस भी दिया है. इसी दिन संसद सत्र की शुरुआत हो रही है.

लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा है कि इसी दिन पार्टी सदन में स्थगन प्रस्ताव लाएगी. नोट अमान्य करने के मुद्दे पर ममता ने कविता भी लिखी है.

आपको बता दें कि ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए.

ममता ने यह बात तब कही है, जब 500 और 1000 रुपए के नोट बंद किए जाने के बाद देशभर में जनता पुराने नोट बदलने के लिए बैंकों और एटीएम मशीनों के सामने कतार में खड़े होने को मजबूर हो गई है.