लखनऊ में एप्पल के मैनेजर की हत्या पर महिला सहकर्मी और पत्नी ने कही यह बातें

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राजधानी लखनऊ में एक पुलिस कॉन्सटेबल की गोली से दुनिया भर में मशहूर मल्टीनेशनल कंपनी एप्पल के एक मैनेजर की मौत हो गई। एप्पल कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी शुक्रवार की रात अपनी एक सहकर्मी के साथ कार से लौट रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उनसे गाड़ी रोकने का इशारा किया, लेकिन बताया जा रहा है कि कार नहीं रोकने पर सिपाही प्रशांत चौधरी ने उनपर गोली चला दी। इलाज के दौरान विवेक तिवारी की मौत हो गई।

लखनऊ के एसएसपी कलानिधि नैथानी के मुताबिक इस मामले में शिकायतकर्ता सना खान ने बताया है कि शुक्रवार रात वह अपने कलीग विवेक तिवारी के साथ घर जा रही थीं। सीएमएस गोमतीनगर विस्तार के पास उनकी गाड़ी खड़ी थी, तभी सामने से दो पुलिसवाले आए और इन्होंने बचकर निकलने की कोशिश की। उधर विवेक के साथ गाड़ी में मौजूद रही सहकर्मी सना का कहना था कि सिपाही ने बाइक दौड़ाकर विवेक के गले में गोली मारी। एसएसपी के मुताबिक सना की शिकायत पर गोमतीनगर थाने में आईपीसी की धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।
इस बीच गोली चलाने के आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी ने अपने बचाव में कहा है गश्त के दौरान विवेक ने उन पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की, विवेक का इरादा उन्हें जान से मारने का था, उसने तीन बार गाड़ी रिवर्स गियर में करके हमें कुचलने की कोशिश की। उसका कहना था कि अंदर गाड़ी में कौन बैठा था यह नहीं दिखा।

इस मामले में मृतक विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना ने आरोपी सिपाही और लखनऊ पुलिस के दावे पर सवाल उठाए हैं। मीडिया में आ रहे उनके बयान के मुताबिक उन्होंने कहा कि यह हादसा नहीं हत्या है। पुलिस ने मेरे पति की गाड़ी पर गोली क्यों चलाई। पति से रात में डेढ़ बजे मेरी बात हुई थी। मेरी जानकारी में था कि सना विवेक के साथ थी। सीएम योगी आदित्यनाथ आएंगे तभी अंतिम संस्कार किया जाएगा।
इस मामले में पुलिस का यह भी कहना है कि दो अन्य पुलिसवालों ने विवेक तिवारी को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन वह नहीं रुके और कॉन्स्टेबल ने गोली चला दी। इसके बाद घबराकर विवेक की कार अंडरपास के पिलर से टकरा गई और विवेक को गहरी चोट आई। पुलिस ही उसे अस्पताल ले गई जहां देर रात उनकी मौत हो गई।