अब भी ट्रेन में फंसे हैं लोग, मृतकों की संख्या 133 हुई

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रविवार को कानपुर के पास दुर्घटनाग्रस्त हुई इंदौर-पटना एक्सप्रेस में मरने वालों की संख्या बढ़कर 133 हो गई है। इस इस समय राहत और बचाव कार्य जारी है। सोमवार सुबह नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) के एक बचावकर्मी ने कहा कि ट्रेन में अब भी कुछ लोग फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि उनके बचे होने की उम्मीद बेहद कम है। हादसे में 400 से ज्यादा लोग घायल हैं। गंभीर रूप से घायलों का इलाज कानपुर के हैलट अस्पताल में चल रहा है।

इमरजेंसी ब्रेक नहीं लगाता तो घटना और भयानक होती

एक छोटी सी चूक के चलते इंदौर से पटना (राजेंद्र नगर टर्मिनल) जा रही 19321 अप एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पुखरायां और मलासा स्टेशन के बीच दलेल नगर गांव में रविवार सुबह 3:07 बजे पटरी से उतर गई। इस बात की पुष्टि ट्रेन के ड्राइवर ने की है। उसके मुताबिक, ट्रेन में लर्च (ट्रैक के नीचे जमीन धंसने से ट्रेन को लगने वाला झटका) की वजह से इमरजेंसी ब्रेक लगानी पड़ी। उस समय ट्रेन की रफ्तार 108 किलोमीटर प्रति घंटा थी। अचानक पहिए थमने से कई डिब्बे पटरी से उतर गए।

पटना-इंदौर एक्सप्रेस ट्रेन के ड्राइवर जलज शर्मा और सहायक ड्राइवर उमेश पुरोहित ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख किया कि तेज रफ्तार में दौड़ती ट्रेन में अचानक लर्च लगने का एहसास हुआ। कुछ गड़बड़ी होने की आशंका होते ही इमरजेंसी ब्रेक लगाई, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। ट्रेन के डिब्बे एक दूसरे पर चढ़ गए। शर्मा ने अपने सीनियर रेल इंस्पेक्टर को बताया कि इमरजेंसी ब्रेक नहीं लगाने पर हादसा और अधिक भयानक हो सकता था।

अस्पताल में घायलों से मिले रेल मंत्री प्रभु

घटना के बाद कानपुर पहुंचे रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा है कि पुखरायां रेल हादसे की उच्च स्तरीय जांच होगी। उन्होंने घटनास्थल का दौरा किया और अस्पतालों में घायलों से भी मिले। प्रभु ने कहा कि अभी पीड़ितों को मदद पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। इससे पहले रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने भी घटनास्थल का दौरा कर राहत और बचाव के काम का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ राहत और बचाव के काम में लगा है। उन्होंने कहा कि इस घटना के दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा।

मृतक के परिजनों को 14.5 लाख, घायलों को ढाई लाख रुपये

घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री सुरेश प्रभु, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुआवजे का ऐलान किया। कुल मिलाकर मृतक के परिजनों को 14.5 लाख रुपये और गंभीर रूप से जख्मी यात्रियों को ढाई लाख रुपये मिलेंगे। इसके अलावा जिन लोगों ने रेल टिकट आरक्षण के दौरान बीमा का विकल्प चुना था उन्हें भी बीमा की राशि अलग से मिलेगी।