50% टैक्स देकर ब्लैकमनी बताने का आखिरी मौका

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सरकार ने लोगों को ब्लैकमनी का खुलासा करने का आखिरी मौका दिया है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (PMGKY) का एलान हुआ। इसी के साथ ब्लैकमनी बताने की आखिरी मोहलत तय हो गई। यह स्कीम शनिवार से शुरू होकर 31 मार्च तक चलेगी। इन साढ़े तीन महीने के दौरान आप 50% टैक्स और पेनल्टी के साथ अघोषित आय का खुलासा कर सकेंगे। हालांकि, ऐसी टोटल इनकम का 25% हिस्सा चार साल ब्लॉक रहेगा। वहीं, आम लोग ईमेल के जरिए ब्लैकमनी रखने वालों के बारे में सरकार को जानकारी दे सकेंगे। उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। .

बता दें कि 50% टैक्स और पेनल्टी की इस स्कीम से पहले सरकार इसी साल इनकम डिस्क्लोजर स्कीम लाई थी। उसमें अघोषित आय पर 45% टैक्स लगता था।सरकार ने हाल ही में इनकम टैक्स एक्ट में अमेंडमेंट किए हैं। इसका बिल लोकसभा से पास हो चुका है। इस बिल पर प्रेसिडेंट प्रणब मुखर्जी ने भी साइन कर दिए हैं। इसी के बाद रेवेन्यू सेक्रेटरी हसमुख अधिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्कीम का एलान किया।
अधिया ने बताया- “सियासी दलों के खातों में नोटबंदी के बाद जमा हुए पुराने नाेटों की जांच नहीं होगी। इन्हें इनकम टैक्स से छूट है। हालांकि, इस पर कुछ शर्तें लागू हैं। इस स्कीम के लिए सरकार ने इनकम टैक्स कानून को संशोधित किया है।”
ब्लैकमनी के खिलाफ मुहिम में सरकार ने आम आदमी को कैसे शामिल किया?
रेवेन्यू सेक्रेटरी हसमुख अधिया ने कहा, ”कालेधन काे सफेद में कन्वर्ट करने की कोशिश करने वालों के बारे में लोग भी हमें सूचित करें, ताकि हम उन तक सीधे पहुंच सकें। ये ईमेल एड्रेस है: blackmoneyinfo@incometaxgov.in।
क्या सरकार ब्लैकमनी रखने वालों को रियायत दे रही है?
 यह रियायत नहीं है, क्योंकि शनिवार से 31 मार्च तक बेहिसाबी आमदनी बताने वालों पर 50% टैक्स और पेनल्टी लगेगी।  सरकार ने सिर्फ मोहलत दी है। यह भी कहा है कि अघोषित आय का खुलासा करने वालों के नाम जाहिर नहीं किए जाएंगे। उनकी जानकारी का इस्तेमाल उनके खिलाफ प्रॉसिक्यूशन में नहीं किया जाएगा।
सरकार ने साढ़े तीन महीने का वक्त क्यों दिया?
हसमुख अधिया ने कहा, ”साढ़े तीन महीने का समय इस स्कीम के लिए दिया गया है। इतना लंबा समय देने के पीछे वजह यह है कि सरकार चाहती है कि लोग खुद अपनी अघोषित अामदनी बता दें। ये स्कीम प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के साथ जुड़ी है। अघोषित आमदनी का बड़ा हिस्सा गरीबों के लिए इस्तेमाल होगा। हम चाहते हैं कि लोग आमदनी बताएं और गरीबों के कल्याण में योगदान दें।”
अपनी बेहिसाबी इनकम बताना क्यों फायदेमंद है?
रेवेन्यू सेक्रेटरी का कहना है कि खुद की बेहिसाबी इनकम बताने की स्कीम खत्म होने के बाद बहुत झंझट होगी। हम नहीं चाहते कि लोगों पर इंस्पेक्टर राज सवार हो। हम नहीं चाहते कि इनकम टैक्स का कोई अधिकारी किसी के पीछे पड़ जाए। हम चाहते हैं कि लोग अपने आप समझ जाएं कि उनके बड़े डिपॉजिट की इन्फॉर्मेशन इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास है, इसलिए वे खुद अपनी बेहिसाबी इनकम बता दें।
30 दिसंबर के बाद क्या होगा?
सरकार ने कहा कि जैसे ही पुराने नोटों को बैंक में डिपॉजिट करने की 30 दिसंबर की डेडलाइन खत्म हाेगी, उसके बाद बैंकों से मिलने वाले डाटा का एनालिसिस करने का हमें भी वक्त चाहिए। उसके बाद नोटिस दिए जाएंगे। इसलिए हम चाहते हैं कि लोग खुद बेहिसाबी इनकम बता दें। 31 दिसंबर से सरकार के पास जो इन्फॉर्मेशन आएगी, उसका प्रोफेशनल एजेंसी से एनालिसिस कराया जाएगा। सरकार सारे बिंदुओं को जोड़कर देखेगी।
किस पर नजर रख रही है सरकार?
सरकार फाइनेंशियल इंटेलिजेंस विंग के जरिए हर दिन पैसा जमा होने की इन्फॉर्मेशन हासिल कर रही है। ईडी और आईटी डिपार्टमेंट को यह इन्फॉर्मेशन पहुंचाई जा रही है। इंटेलिजेंस विंग की नजर सरकारी खातों, जनधन खातों, अर्बन को-ऑपरेटिव बैंकों में जमा हो रहे पैसे पर है। रेवेन्यू सेक्रेटरी ने बताया कि किसी व्यक्ति ने आरटीजीएस से कितना ट्रांसफर किया, कितना विदड्रॉअल किया, यह सब हमें पता लग रहा है। अब तक के छापे फाइनेंशियल इंटेलिजेंस की इन्फॉर्मेशन के बेस पर हुए हैं।
अगर आपने ऐसा कुछ किया है तो गलतफहमी में ना रहें
अगर लोगों ने अपने लोन अकाउंट में कैश से बड़े अमाउंट का रिपेमेंट किया है तो सरकार की उन पर नजर है। रेवेन्यू सेक्रेटरी ने कहा कि उदाहरण के लिए अगर कोई यह सोच रहा है कि उसने 10 अकाउंट में 2-2 लाख रुपए जमा करा दिए और वह सरकार के रडार में नहीं आएगा तो हम बता दें कि ऐसे लोग सरकार के रडार पर आ चुके हैं। या तो उनका ऐड्रेस कॉमन मिला या फोन नंबर या पैन नंबर कॉमन मिला है।अगर घर में जायज कैश पड़ा था और परिवार के एक-दो लोगों के अकाउंट में है तो ठीक है। लेकिन ज्यादा लोगों के अकाउंट में एक जैसा पैटर्न मिला तो वे सरकार की नजर में रहेंगे|
क्या पुराने नोटों का बड़ा अमाउंट बैंक में जमा करा दिया तो पैसा व्हाइट हो जाएगा?
अधिया ने कहा कि कोई ये ना मान ले कि बैंक में हमने पैसा जमा करा दिया तो वह व्हाइट हो गया। जब तक बैंक में आए पैसे की पूरी जांच ना हो जाए, जब तक उस पर टैक्स पेमेंट नहीं होगा, तब तक आप उसे व्हाइट मानने की भूल ना करें।
पीएम गरीब कल्याण योजना (PMGKY) में चार साल के लिए डिपॉजिट होगा पैसा
 PMGKY के लिए शनिवार से बैंकों में चालान मिलना शुरू हो जाएगा।अघोषित आय का 50% टैक्स देने के बाद बचे 50% रकम में से 25 फीसदी हिस्से को चार साल तक पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत सरकार के पास रखना होगा। इस पर ब्याज नहीं मिलेगा। बता दें कि सरकार इसी साल एक इनकम डिस्क्लोजर स्कीम लाई थी। उसमें भी 45% टैक्स देकर ब्लैकमनी बताने का प्रोविजन था।
अगर आपने ऐसा नहीं किया तो क्या होगा?
अगर खुद अघोषित इनकम नहीं बताई और सरकार ने पकड़ लिया तो आप पर 83.25% से 137.25% तक टैक्स लग सकता है।
291 छापे, 400 करोड़ जब्त
सीबीडीटी चेयरमैन सुशील चंद्रा ने बताया- “अब तक 291 जगहों पर रेड डाली है। इसके अलावा 295 जगहों पर इनकम टैक्स सर्वे किए हैं।”अब तक 392 करोड़ रुपए के मूल्य का कैश और ज्वैलरी जब्त की गई है। इसमें 316 करोड़ रुपए का कैश है, जिसमें 80 करोड़ से ज्यादा की नई करंसी शामिल है। इसके अलावा 76 करोड़ की ज्वैलरी भी है।जांच के बाद करीब 2600 करोड़ रुपए की अघोषित आय को टैक्सपेयर्स ने खुलासा किया है|”