आरएसएस के इशारे पर केंद्र सरकार बाल-बच्चों समेत हमें फंसा रही, 27 की रैली में सबको देंगे जवाबः लालू

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तेजस्वी यादव के इस्तीफे पर शुक्रवार शाम को लालू प्रसाद ने कहा कि इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता। हमने फैसला कर लिया है। किसी की गीदड़ भभकी से हम डरने वाले नहीं।

जदयू-राजद में हफ्ते भर के गतिरोध-प्रतिरोध के बीच राजनीतिक कयासों को खारिज करते हुए लालू ने कहा महागठबंधन तोडऩे की पहल वह अपनी ओर से नहीं करने जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि 27 अगस्त की गांधी मैदान में होने वाली रैली में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर पब्लिक को जवाब देंगे। लालू ने झगड़ा सुलझाने के लिए सोनिया गांधी की ओर से फोन आने से इन्कार करते हुए कहा कि मुझसे कोई बात नहीं हुई है।

चारा घोटाले के मामले में रांची कोर्ट में पेशी के लिए गए लालू शुक्रवार को देर शाम पटना लौटे। पार्टी के नेता एवं मंत्री पहले से ही उनके आवास के बाहर उनका इंतजार कर रहे थे। करीब तीन घंटे तक मंथन के बाद लालू मीडिया के सामने आकर तीन बातों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने तेजस्वी यादव के इस्तीफा से इन्कार किया।

महागठबंधन को खतरे से बाहर बताया। फिर तेजस्वी पर लगाए गए आरोपों पर तथ्यों के साथ जदयू की सफाई की मांग पर कहा कि 27 अगस्त की रैली में भाजपा के सारे आरोपों का तथ्यों के साथ जवाब दिया जाएगा। आरएसएस के इशारे पर ही केंद्र सरकार बाल-बच्चों समेत हमें फंसा रही है।

लालू ने दावा किया कि नीतीश कुमार से हमारी कोई दूरी नहीं है। हम दोनों एक हैं। महागठबंधन में दरार डालने का भाजपा पर आरोप लगाते हुए लालू ने कहा कि हमें लोग खंड-खंड करना चाहते हैं, लेकिन हम किसी को बिहार में जगह नहीं देने वाले हैं। लालू ने कहा कि 27 जुलाई को भाजपा भगाओ रैली में हम गांधी मैदान से ही पब्लिक को सफाई देंगे। हमारे लिए जनता से ऊपर कोई नहीं है। मेरे बाल-बच्चों की सारी संपत्ति पब्लिक डोमेन में है। हमने कोई गलत नहीं किया है।

महागठबंधन में सुलह के प्रयासों पर कांग्र्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से बातचीत का लालू ने खंडन किया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में हमारी कोई बात नहीं है। लालू ने कहा कि वह नहीं जानते हैं कि सोनिया ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बात की या नहीं, लेकिन हमसे कोई बात नहीं हुई है।