मोदी ने काटा VIP गाड़ियों से लाल बत्ती का कनेक्शन

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अगर आप भी सड़कों पर तेज़ रफ़्तार से गुजरती और हॉर्न बजाती हुई लाल बत्ती वाली वीआइपी गाड़ियों से परेशान हैं तो ये खबर सिर्फ और सिर्फ आपके लिए है| प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक ऐसी पहल की है जो आज से पहले आपने कभी नहीं देखी होगी, जी हाँ नरेन्द्र मोदी ने वीआइपी गाड़ियों से लाल बत्ती ही गुल कर दी है और ये नियम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और मुख्यमंत्री सभी पर सामान रूप से लागू होगा|

नीली बत्ती का होगा इस्तेमाल
एक मई से आपको पूरे देश भर में किसी भी गाड़ी के ऊपर कोई भी लाल या नीली बत्ती नहीं दिखाई देगी| ये नियम सभी पर बराबरी से लागू होगा और किसी को कोई छूट नहीं दी जाएगी| नियन के अनुसार सिर्फ एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस जैसी इमरजेंसी सेवाओं में लगी गाड़ियां ही नीली बत्ती का इस्तेमाल कर सकेंगी| ये फैसला खुद नरेंद्र मोदी ने लिया|
हालाँकि सरकार के इस फैसले को कांग्रेस ने प्रतीकात्मक राजनीति करार दिया है| हालाँकि जब प्रधानमंत्री मोदी ने अपने इस फैसले से मंत्री मंडल को अवगत कराया तो, कुछ ही समय में मंत्रियों में अपनी गाड़ियों से लाल बत्ती बताने का कार्य शुरू कर दिया|
स्मृति इरानी ने पोस्ट की तस्वीर
प्रधानमंत्री के बयान के बाद कपडा मंत्री स्मृति इरानी ने अपने सरकारी गाड़ी से लाल बत्ती हटा दी, और इसकी तस्वीर ट्वीटर पर साझा की| इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह देश की जनता के लिए बहुत ही अच्छा कदम है और वो इस फैसले का स्वागत करती हैं..इसलिए उन्होंने अपनी गाड़ी से लाल बत्ती हटा दी|
नियम में बदलाव
इस फैसले को लागू करने के लिए सेंट्रल मोटर वाहन एक्ट 1989 में बदलाव किया जाएगा| जी हाँ इसी नियम के तहत केंद्र सरकार और राज्य सरकार गाड़ियों के ऊपर लाल या नीली बत्ती लगाने की अनुमति देती हैं| हालाँकि इस फैसले के बाद प्रधानमंत्री ने इस मोटर वेहिकल एक्ट की ऊपर लिखी इन लाइनों को ही खत्म कर दिया| यानी केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों की उस पॉवर को ही खत्म कर दिया गया है जिसके तहत वीआईपी को लाल बत्ती लगाने की अनुमति दी जाती थी|
गौरतलब है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लगातार लालबत्ती के दुरुपयोग की शिकायतें आ रही थीं और इसको खत्म करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी पहले निर्देश दिए थे| दिसम्बर 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में सरकार को निर्देश दिया था कि लालबत्ती के दुरुपयोग रोकने के लिए कदम उठाया जाएं| सिर्फ संवैधिनिक पदों पर बैठे लोगों की गाड़ियों पर ही लाल बत्ती हो और उसका भी इस्तेमाल सिर्फ तभी किया जाए जब वो व्यक्ति ड्यूटी पर हो| प्रधानमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के इसी फैसले का पालन करते हुए वीआइपी गाड़ियों से लाल बत्ती का कनेक्शन फिलहाल के लिए काट दिया है|

Written by:Priyanka Verma