कुशीनगर में विधवा ने एक वर्ष में खुद को जिंदा साबित किया

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कुशीनगर में विधवा ललिता देवी को न्याय मिल गया। एक वर्ष तक लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा कर वो खुद को जिंदा साबित करने में सफल हो गई। कागजों में उन्हें मृत दिखाकर रोकी गई पेंशन दिलाने की पहल भी प्रशासन ने शुरू कर दी है। ललिता देवी के संघर्ष का यह प्रकरण है दुदही विकास खंड के गांव ब्रह्मपुर का। यहां के ग्राम विकास अधिकारी ने उन्हें मृत दिखाकर वृद्धा पेंशन रुकवा दी थी। पेंशन न मिलने पर ललिता देवी ने एक वर्ष तक अफसरों के चक्कर लगाया। बाद में जिला प्रशासन ने उनकी बात पर गौर करते हुए क्षेत्र पंचायत अधिकारी (बीडीओ) से मामले की जांच कराई। जांच में पाया गया कि ग्राम पंचायत अधिकारी अखिलेश कुमार ने कागजों में गड़बड़ी कर ललिता देवी को मृत घोषित करा दिया है|

बीडीओ की रिपोर्ट पर मुख्य विकास अधिकारी केदारनाथ सिंह ने सोमवार को ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया। साथ ही निर्देशित किया कि ललिता देवी जितनी अवधि तक पेंशन से वंचित रहीं, उन्हें उस अवधि की पेंशन से दो-गुनी धनराशि निलंबित ग्राम विकास अधिकारी के खाते से काटकर उन्हें दी जाएगी। यह धनराशि ललिता देवी के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देशित किया है कि ललिता देवी को फिर से पेंशन मिलने की शुरुआत होने तक निलंबित कर्मचारी के वेतन से प्रतिमाह पेंशन की दोगुनी धनराशि काटी जाएगी, जो उनके खाते में भेजी जाएगी|