केरल की त्रासदी में मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 357, हालात अभी भी बदतर

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Rescuers evacuate people from a flooded area to a safer place in Aluva in the southern state of Kerala, India, August 18, 2018. REUTERS/Sivaram V

केरल सदी की सबसे बड़ी तबाही से जूझ रहा है. 100 साल में कभी ऐसी तबाही केरल ने नहीं देखी. इस बार आसमानी आफत ऐसी टूटी है कि वहां मुसीबत खत्म होने का नाम नहीं ले रही. अब वही संकट मौत का सबब बन चुका है. बाढ़ से मरने वालों की संख्या और बढ़ गई है. केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन के मुताबिक शनिवार को 33 लोगों की मौत हो गई. इसी के साथ मृतकों की संख्या 357 हो गई है. बदतर होते हालात के बीच सैकड़ों रेस्क्यू टीमें लगाई गई हैं. सेना, नेवी, एयरफोर्स, एनडीआरएफ, आईटीबीपी के जवान फरिश्ते बनकर केरल की तबाही में जान बचाने के मिशन में लगे हैं. इधर केरल की मदद को कई राज्यों ने मदद की है.

NDRF की 169 टीमें बचाव कार्य में जुटीं

बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने के लिए NDRF की टीम ने पूरी जी-जान लगा दी है. अब तक केरल में एनडीआरएफ की कुल 169 टीमें बचाव कार्य में जुटी हुई हैं. इसके अलावा वायुसेना, थल सेना, कोस्ट गार्ड, नेवी, बीएसएफ के अलावा तमाम एजेंसियां पूरी ताकत से राहत कार्य में लगी हुई हैं.

केरल में NDRF की 169 टीमों के अलावा एयरफोर्स के 22 हेलिकॉप्टर, नेवी की 40 नाव, कोस्ट गार्ड की 35 नाव, बीएसएफ की 4 कंपनियों के अलावा केरल पुलिस, स्थानीय युवा और मछुआरे तक लोगों को बचाने में जुटे हैं. अब तक चार लाख लोगों को बचाया गया है.केरल के लोगों को बचाने के लिए एनडीआरएफ ने देश में अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन शुरू किया है. एनडीआरएफ के एक प्रवक्ता ने कहा कि 2006 में NDRF के गठन के बाद से किसी एक राज्य में अब तक यह सबसे बड़ी तैनाती है. इस तरह यह अब तक का हमारा सर्वाधिक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन है.

भीषण बाढ़ से प्रभावित लाखों लोगों के राहत एवं बचाव के लिए युद्ध स्तर पर हो रहे प्रयासों के बीच बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों की सरकारों और नेताओं ने आर्थिक सहायता की घोषणा की है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केरल के लिए 10 करोड़ रुपये की घोषणा की है. झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवार दास ने केरल के बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए पांच करोड़ रुपये की राहत प्रदान करने की घोषणा की है. वहीं महाराष्ट्र सरकार ने केरल में बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए 20 करोड़ रुपये की फौरी वित्तीय मदद की घोषणा की है. गुजरात की सरकार ने केरल को दस करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा की है. उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 5 करोड़ रुपये की मदद करने का ऐलान किया है.

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने केरल के बाढ़ प्रभावित बच्चों के लिए तैयार 100 मीट्रिक टन तैयार भोजन के पैकेट रवाना किए हैं.

राहुल की फिर अपील, राष्ट्रीय आपदा घोषित करें

इधर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी से केरल की त्रासदी को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की एक बार फिर से अपील की है. केरल के लिए 500 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा को अच्छा कदम करार देते हुए राहुल ने कहा कि पीएम मोदी को इस बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने में कोई संकोच नहीं करना चाहिए. गांधी ने आज यह भी फैसला किया कि पार्टी के सभी सांसद, विधायक और विधान परिषद सदस्य अपना एक महीने का वेतन केरल के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए देंगे.

आप के सभी विधायक देंगे एक माह का वेतन

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी अपनी पार्टी के सभी विधायकों से एक महीने का वेतन केरल में मदद के लिए दान देने के लिए कहा है. वहीं नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष एवं विधायक उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वह केरल के बाढ़ पीड़ितों के लिए अपने एक माह का वेतन दान करेंगे.

Source- AajTak