केजरीवाल ने कहा आयोग ने हमको अभी तक ईवीएम नहीं दी

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सीईसी नसीम जैदी ने कहा कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ संभव नहीं है। इसके साथ ही आयोग ने साफ कहा कि उसकी किसी भी दल के साथ नजदीकी नहीं है। उन्‍होंने यह भी कहा कि यह प्रचारित किया जा रहा है कि ये ईवीएम विदेश से आ रही हैं लेकिन ऐसा नहीं है। हमारी मशीनें देश में ही बनती हैं। जैदी ने बताया कि मशीनों में आधुनिक तकनीक का इस्‍तेमाल किया गया है। इसका डाटा ट्रांसफर नहीं हो सकता।

चुनाव आयोग की तरफ से दिए गए डेमो के बीच आम आदमी पार्टी के संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि आयोग ने हमको अभी तक ईवीएम मुहैया नहीं कराई है।

इस बीच चुनाव आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों से छेड़छाड़ का आरोप लगा रहे राजनीतिक दलों को EVM हैक करने की चुनौती दी है। इसके लिए चुनाव आयोग ने 3 जून की तारीख निश्चित की है, हर राजनीतिक दल को हैकिंग के लिए चार घंटे का वक्त दिया जाएगा। चुनौती के लिए राजनीतिक प्रतिनिधि पांच राज्यों की चार EVM को चुन सकते हैं।

हर पार्टी को हैकिंग या ईवीएम टैंपरिंग साबित करने के लिए चार घंटे का वक्त मिलेगा। कोई भी पार्टी अपने तीन प्रतिनिधि इस चैलेंज में शामिल होने लिए भेज सकती है। इस चैलेंज में कोई भी राजनीतिक पार्टी शामिल हो सकती है। पार्टियों को इस बात की आजादी होगी कि वह हाल ही में हुए पांच राज्यों में चुनावों के किसी भी चार पोलिंग स्टेशनों से ईवीएम मशीन मंगवा सकती हैं।

पार्टियों के पास मौका होगा कि वह साबित करें कि चुनावी नतीजों को किसी खास प्रतिनिधि या पार्टी के पक्ष में मोड़ा जा सकता है। इसके अलावा, पार्टियों को यह भी चुनौती दी गई है कि वे साबित करें कि चुनाव आयोग की सुरक्षा में ईवीएम के साथ छेड़छाड़ करना मुमकिन है।

कई विपक्षी पार्टियों ने हालिया विधानसभा चुनावों के दौरान ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है, लेकिन आयोग ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा), कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप) तथा तृणमूल कांग्रेस ने सर्वदलीय बैठक के दौरान ईवीएम में धांधली पर चिंता जताई थी। ईवीएम से छेड़छाड़ के मामले में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) सबसे मुखर रही है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि हालिया विधानसभा और एमसीडी चुनावों में ईवीएम के जरिये धांधली हुई और मतदाता ने चाहे जिस पार्टी को वोट दिया हो लेकिन वोट बीजेपी के पक्ष में ही गया है।