कानपुर रेल हादसे में 10 लीटर वाले प्रेशर कुकर में आईईडी विस्फोटक से ट्रैक को उड़ाया गया था

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पुखरायां रेल हादसे में बिहार में गिरफ्तार किए गए आईएसआई के गुर्गे मोती पासवान ने पूछताछ में बताया है कि 10 लीटर वाले प्रेशर कुकर में आईईडी विस्फोटक से ट्रैक को उड़ाया गया था।उसने सात अन्य लोगों के साथ मिलकर दो बार कानपुर के पास रेल पटरी को नुकसान पहुंचाया था।
वहीं कानपुर पुलिस को आईएसआई एजेंट बृजकिशोर गिरी, राजू पटेल और जुबैर अहमद की जो फोन रिकार्डिंग हासिल हुई है उसमें बृजकिशोर गिरी, राजू पटेल और जुबैर अहमद से कह रहा है कि तुम लोगों को पटरी ब्लास्ट करने को कहा गया था और उखाड़कर चले आए। अब तुम लोगों को पैसे वापस करने होंगे। इससे अब यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि पटरी ब्लास्ट से उड़ाई गई या काटी गई। ये भी हो सकता है आरोपी झूठ बोल रहे हों|

लखनऊ संवाददाता के अनुसार दो दिन पूछताछ करने के बाद एटीएस और जीआरपी के अधिकारी मोतिहारी से लखनऊ लौट आए हैं। पूछताछ में मोती पासवान ने बताया कि बृजकिशोर गिरि सभी सात लोगों को लीड कर रहा था। गिरि को पिछले दिनों नेपाल में एक हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के समय हुई मुठभेड़ में बृजकिशोर को गोली भी लगी थी जिसकी वजह से वह घायल हो गया था। बृज किशोर का इलाज काठमांडू के एक हास्पिटल में चल रहा है। मोती पासवान दो अन्य युवकों को भी जानता है जिसका नाम राकेश यादव और गजेंद्र शर्मा है। पुलिस इनकी भी तलाश कर रही है|

वहीं कानपुर संवाददाता के अनुसार पुखरायां रेल हादसे के समय बृजकिशोर गिरी के दो खास गुर्गों राजू पटेल और जुबैर अहमद की मौजूदगी शहर में थी। मोतिहारी (बिहार) पुलिस से कानपुर के एक पुलिस अफसर को ऐसे सबूत और बातचीत की रिकार्डिंग मिली है। सूत्रों की मानें तो रिकार्डिंग में बृजकिशोर गिरी, राजू पटेल और जुबैर अहमद से कह रहा है कि तुम लोगों को पटरी ब्लास्ट करने को कहा गया था और उखाड़कर चले आए। अब तुम लोगों को पैसे वापस करने होंगे। इस रिकार्डिंग से स्पष्ट है कि पटरी ब्लास्ट नहीं की गई|

अब कौन सही है कौन गलत, ये आगे की जांच से ही तय हो सकेगा। पूछताछ करने वालों में एटीएस के आईजी असीम अरुण के अलावा रेलवे पुलिस के आईजी एलवी एंटनी देवकुमार और एटीएस के डिप्टी एसपी मनीष सोनकर भी शामिल थे|