जयंत चाहते थे कि उनकी जर्सी पर उनकी दोनों मां का नाम लिखा जाए

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इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई में हो रहे चौथे टेस्ट के चौथे दिन भारत की ओर से जयंत यादव ने सेन्चुरी (104 रन) लगाई। वे नौवें नंबर पर बैटिंग करते हुए सेन्चुरी लगाने वाले पहले इंडियन बने। इसके अलावा बॉलिंग के दौरान भी उन्होंने जो रूट का बड़ा विकेट लिया। जिसके बाद लोग उन्हें टीम इंडिया का अगला स्टार ऑलराउंडर मानने लगे हैं। जयंत यादव की पर्सनल लाइफ के बारे में फैन्स ज्यादा नहीं जानते हैं। ज्यादातर लोगों को ये बात नहीं पता कि जयंत को उनकी सगी नहीं बल्कि सौतेली मां ने बड़ा किया है।
 जयंत की दूसरी मां का नाम ज्योति यादव है, जो कि उनकी सगी नहीं सौतेली मां हैं। सौतेली होने के बाद भी ज्योति ने सगे बेटे की तरह जयंत को प्यार दिया।ज्योति ने उन्हें एक बड़ा क्रिकेटर बनाने में हर तरह से मदद की। उनके सपोर्ट के बिना जयंत का सपना साकार होना बहुत मुश्किल था।इसी वजह से जयंत अपनी सक्सेस का क्रेडिट अपनी सगी मां से ज्यादा सौतेली मां ज्योति को देते हैं। जयंत यादव की रियल मां का नाम लक्ष्मी यादव था। करीब 17 साल पहले एक हवानई हादसे में उनकी मौत हो गई थी।जिसके बाद ज्योति यादव ने ही जयंत को संभाला और उन्हें बड़ा किया।उन्होंने जयंत को सगी मां की तरह प्यार दिया और उनकी केयर की।अपनी दूसरी मां की मदद के बिना जयंत का इस मुकाम पर पहुंच पाना नामुमकिन था।दुनिया को जयंत की लाइफ से जुड़ी इस बड़ी बात का पता न्यूजीलैंड के साथ हुई वनडे सीरीज के दौरान चला। इस सीरीज के पांचवें मैच में सारे इंडियन प्लेयर्स अपनी मां के नाम की जर्सी पहनकर खेलने उतरे थे।इस दौरान जयंत ने भी अपनी मां लक्ष्मी ने नाम की जर्सी पहनी थी, लेकिन उनकी ख्वाहिश कुछ और थी।

पांचवें वनडे मैच में भारतीय टीम के सारे खिलाड़ी जर्सी पर अपनी मां के नाम के साथ खेलने उतरे थे।जयंत चाहते थे कि उनकी जर्सी पर उनकी दोनों मां का नाम लिखा जाए।लेकिन ऐसा नहीं हो पाया और मैच खत्म होने के बाद इसके लिए जयंत ने अपनी दूसरी मां ज्योति से माफी भी मांगी थी।इस बात का खुलासा बीसीसीआई के ट्रेजरर अनिरुद्ध चौधरी ने मैच खत्म होने के बाद किए ट्वीट में किया था।बीसीसीआई के पूर्व मैनेजर और ट्रेजरर अनिरुद्ध चौधरी ने न्यूजीलैंड के साथ पांचवें वनडे के दौरान एक ट्वीट किया।इस ट्वीट में उन्होंने जयंत की दोनों मां के बारे में दुनिया को बतायाउस ट्वीट में उन्होंने लिखा था, कि जयंत की रियल मां लक्ष्मी थीं, ज्योति उनकी दूसरी मां हैं।ज्योति ने उन्हें अपने बेटे की तरह प्यार देकर उनका ध्यान रखा। जयंत दोनों का नाम अपनी जर्सी पर दोनों का नाम चाहते थे|

22 जनवरी 1990 को जनमें जयंत के पिता एयर इंडिया में फ्लाइट मैनेजर हैं।वे दिल्ली के वसंत विहार में एयर इंडिया के क्वार्टर में अपने परिवार के साथ रहते हैं। जयंत इतने रिजर्व नेचर के हैं कि उनके बारे ज्यादा जानकारियां बाहर नहीं आई हैं।जयंत यादव ने 2011 में 21 साल की उम्र में अपना फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था। हरियाणा की तरफ से खेलते हुए उन्होंने गुजरात के खिलाफ 6 विकेट लिए थे और अपनी टीम को मिली बड़ी जीत में अहम रोल निभाया था।जयंत ने इस मैच में गुजरात के खिलाफ दोनों पारियों में 3-3 विकेट लिए थे।जयंत बचपन से ही वीरेंद्र सहवाग के बहुत बढ़े फैन रहे हैं। वे उनका हर मैच देखते थे।वे पढ़ाई-लिखाई छोड़कर बस क्रिकेट खेलते और टीवी पर देखते रहते थे।डीपीएस में पढ़े जयंत इसी कारण वे पढ़ाई में पीछे थे। पर उनका गेम बहुत अच्छा था। जयंत एक ऑलराउंडर हैं, पर उनका कहना है कि पहले वे एक ऑफ स्पिनर हैं, जो बैटिंग भी कर सकता है|