74 दिनों में जयललिता को दूसरी बार हार्टअटैक

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तमिलनाडु की सीएम जयललिता को रविवार हार्ट अटैक आया। उनकी हालत गंभीर है। उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम-ईसीएमओ पर रखा गया है। 74 दिनों में उन्हें दूसरी बाद दिल का दौरा पड़ा है। वो कुछ महीनों से चेन्नई के अपोलो हॉस्पिटल में एडमिट हैं। चेन्नई में सिक्युरिटी बढ़ा दी गई है। पुलिस की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। सरकार में नंबर दो पन्नीर सेल्वम ने हॉस्पिटल में ही कैबिनेट की मीटिंग की। अस्पताल के बाहर जयललिता समर्थकों की भारी भीड़ है|
तमिलनाडु के सभी जिलों के एसपी को अलर्ट पर रहने को कहा गया। रैपिड एक्शन फोर्स की 9 बटालियन स्टैंड बाय पर।जया की सबसे करीबी सहयोगी शशिकला उनके पास मौजूद। कुछ करीबी लोगों को पुलिस सिक्युरिटी में पोएस गार्डन भेजा गया। जयललिता के घर पोएस गार्डन से उनके कुछ निजी स्टाफ को हॉस्पिटल लाया गया।ब्रिटिश डॉक्टर रिचर्ड बेले चेन्नई के लिए रवाना।हॉस्पिटल में करीब 15 मिनट रुकने के बाद गवर्नर लौटे। वो मुंबई से सीधे चेन्नई पहुंचे थे। तमिलनाडु के गवर्नर सी. विद्यासागर राव अपोलो हॉस्पिटल पहुंचे। उन्हें पीछे के रास्ते से हॉस्पिटल में पहुंचाया गया।
प्रणब मुखर्जी ने ट्वीट कर जया के जल्द सेहतमंद होने की कामना की।केयर-टेकर सीएम पन्नीरसेल्वम ने टॉप पुलिस ऑफिशियल्स से मीटिंग की।अन्ना यूनिवर्सिटी में कल होने वाले सभी एग्जाम कैंसल किए गए। अगली डेट का एलान भी नहीं।हॉस्पिटल ने कहा- जया को स्पेशल डिवाइस पर रखा गया। लंदन के डॉक्टर रिचर्ड बेले से कंसल्ट किया गया।अपोलो हॉस्पिटल के चारों तरफ पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती।यूनियन हेल्थ मिनिस्टर जेपी. नड्ढा ने अपोलो हॉस्पिटल के डॉक्टर्स से बात की।तमिलनाडु और खासकर चेन्नई के ज्यादातर हिस्सों में पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात। राजनाथ सिंह ने राज्यपाल राव से बातचीत की। राज्यपाल विद्यासागर राव मुंबई से चेन्नई के लिए रवान जयललिता को हार्ट अटैक की खबर आई। हॉस्पिटल ने बयान जारी किया|
जयललिता को शाम साढ़े चार बजे अटैक आया और हॉस्पिटल ने रात साढ़े नौ बजे इसकी जानकारी दी।बता दें कि लंग्स इन्फेक्शन के चलते जयललिता सितंबर से अपोलो में भर्ती हैं। हालांकि, पहले AIADMK के लीडर्स कह रहे थे कि जयललिता पूरी तरह ठीक हैं और जल्द ही घर आ जाएंगी।अपोलो हॉस्पिटल ने भी एक बयान जारी कर कहा था कि उनकी तबियत में सुधार देखते हुए उन्हें अब नॉर्मल वॉर्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।हार्ट अटैक से दो घंटे पहले ही डॉक्टरों ने कहा था कि उन्हें कभी भी घर ले जाया जा सकता है|
जयललिता पहली बार अपोलो लाई गईं थीं। इससे पहले तबीयत बिगड़ने या चेकअप कराने हर तीन-चार महीने में चेन्नई के ही श्रीरामचंद्र मेडिकल कॉलेज जाती रही हैं।ये बात किसी को बताई नहीं जाती थी। इस दिन भी उन्हें अपोलो नहीं लाया जाता। पर स्थिति नाजुक थी।23 अक्टूबर को नरेंद्र मोदी ने दिल्ली एम्स के तीन डॉक्टरों को चेन्नई भेजा। इनमें कार्डियोलॉजिस्ट नितीश नाईक, पल्मोनोरोलॉजिस्ट जीसी खिलनानी और एनेस्थेसिस्ट अंजन त्रिखा थे।लंदन से डॉ. रिचर्ड जॉन बेले को बुलाया गया। सिंगापुर से भी डॉक्टरों की टीम आई थी। अपोलो ने पहली बार बाहर से एक्सपर्ट बुलवाए हैं। जयललिता की देख-रेख में अभी अपोलो के 18 डॉक्टरों की टीम तैनात है।  इनमें क्रिटिकल केयर ग्रुप के डॉ. रमेश वेंकटरमन, डॉ. आर सेंथिलकुमार, डॉ. बाबू अब्राहम और कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. वायवीसी रेड्‌डी प्रमुख हैं।
 टीम के कई डॉक्टर आईसीयू के आसपास बने वीवीआईपी वार्ड में ही रह रहे हैं। 9 नर्सो की शिफ्ट में ड्यूटी लगती है। इनके फोन तक ले लिए गए हैं।किसी से बात करने की भी मनाही है। डॉक्टरों व स्टाफ के फोन भी इंटेलिजेंस के सर्विलांस पर हैं|
जयललिता को 22 सितंबर को बुखार और डिहाइड्रेशन की शिकायत के बाद चेन्नई के अपोलो हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था। उन्हें सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी। उनके इलाज के लिए दिल्ली एम्स के 3 डॉक्टरों की टीम भी भेजी गई थी। लंदन से भी एक स्पेशलिस्ट चेकअप के लिए बुलाया गया था।जयललिता के हॉस्पिटल में रहने के दौरान उनके करीबी माने जाने वाले पन्नीरसेल्वम को उनके विभागों की जिम्मेदारी दी गई है।हाल ही में पन्नीरसेल्वम ने जयललिता की फोटो सामने रखकर कैबिनेट की मीटिंग की थी|
जयललिता ने कुछ दिन पहले बयान जारी कर कहा था कि पार्टी कैडर और लोगों की दुआओं की वजह से उनका पुनर्जन्म हुआ है। जयललिता ने कहा था, “जब तक आपकी दुआएं और प्यार मेरे साथ है, कोई भी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता|”