सबसे बड़े मुस्लिम संगठन से पीएम मोदी ने की मुलाकात, कहा ट्रिपल तलाक का हल निकालें

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मुस्लिम समुदाय के सबसे बड़े, पुराने और प्रभावी संगठन जमीयत उलेमा ए हिंद ने मंगलवार को प्रधानमंत्री से लगभग एक घंटे की मुलाकात की। जमीयत ने आभार जताया और भविष्य में लगातार संपर्क की आशा भी जताई। मंगलवार को उन्होंने जमीयत उलमा-ए-हिंद के प्रतिनिधियों से सीधे अपील की कि समुदाय खुद ही सुधार की पहल करे। जमीयत के अध्यक्ष महमूद मदनी ने भरोसा दिया है कि वह इस दिशा में काम करेंगे।जमीयत की ओर से यह अपील की गई कि एक ऐसी व्यस्था बनाई जाए, जिसके तहत मुस्लिम समाज के नुमाइंदे निर्धारित व्यक्ति से मिल कर बातचीत कर सकें।

प्रधानमंत्री के सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी मुलाकात के दौरान मौजूद थे। प्रतिनिधिमंडल ने सबका साथ, सबका विकास की नीति की सराहना करते हुए कहा कि बातचीत से किसी भी समस्या का हल निकाला जा सकता है। बताते हैं कि जमात ने गो हत्या के नाम पर कुछ निजी संगठनों की अति सक्रियता का सवाल उठाया और ऐसे संगठनों पर लगाम लगाने की अपील की।

प्रधानमंत्री ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और आतंकवाद व तीन तलाक के मुद्दे पर सहयोग मांगा। जमीयत ने समर्थन और सहयोग का वादा किया। उनका कहना था कि जमीयत ने दहशतगर्दी के खिलाफ पहले ही फतवा जारी किया था और कोई भी व्यक्ति या संगठन कानून से ऊपर नहीं हो सकता है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत की भूमिका को अनुकरणीय बनाने के प्रति प्रतिबद्धता जताई।

उन्होंने कश्मीर की स्थिति पर भी चिंता जाहिर करते हुए मोदी पर इसके समाधान का भरोसा जताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सद्भाव और मेल मिलाप लोकतंत्र की ताकत है। आगाह किया कि तीन तलाक के मुद्दे का राजनीतिकरण न होने दें। सुधार की पहल समुदाय के भीतर से ही होनी चाहिए।