इटली सुप्रीम कोर्ट ने सिख को नहीं दी कृपाण रखने की इजाजत

21
SHARE

इटली सुप्रीम कोर्ट ने सिख को कृपाण रखने की मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने फैसले में कहा- वेस्टर्न वर्ल्ड में रहने वाले माइग्रेंट्स को लोकल वैल्यूज को समझना चाहिए क्योंकि उन्हें इसी सोसायटी के बीच रहना है।

नॉदर्न इटली के गोइटो में रहने वाले एक सिख ने यहां के सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की। इसमें उसने कहा कि वो सिख धर्म से ताल्लुक रखता है और उसके मजहब में कृपाण रखना जरूरी है। सोमवार को इस मामले की सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने इस शख्स की अपील खारिज कर दी। कहा- दूसरे देश से आने वाले माइग्रेंट्स को लोकल वैल्यूज का ध्यान रखना चाहिए क्योंकि उन्हें इसी सोसायटी में सैटल होना है। भले ही ये उनके मुताबिक जरूरी या सही हो। बता दें कि इटैलियन कानून के मुताबिक पब्लिक प्लेस पर धारदार हथियार या गन नहीं रख सकते।

कोर्ट ने अपने ऑर्डर में आगे कहा, “हो सकता है ये आपके लिए जरूरी हो (कृपाण रखना)। हो सकता है जिस देश के आप हों, वहां इसकी कानूनन मंजूरी भी हो। लेकिन, जिस देश में आप रह रहे हैं, वहां इसे सहन नहीं किया जा सकता यानी इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती। कई तरह के लोगों से समाज बनता है और ये जरूरी भी है। लेकिन, इसकी वजह से टकराव ना हो- ये ध्यान रखा जाना चाहिए। इस देश की कल्चरल यूनिटी और ज्युडिशियरी भी है। लोगों की सेफ्टी जरूरी है। हम ऐसे किसी भी काम को मंजूरी नहीं दे सकते, जिससे लोगों को नुकसान पहुंच सकता हो।”

जिस सिख ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी, उसका नाम पब्लिक नहीं किया गया है। कुछ दिनों पहले उसे 20 सेंटीमीटर की कृपाण रखे हुए देखा गया था। लोकल एडमिनिस्ट्रेशन की शिकायत के बाद उस पर दो हजार यूरो का जुर्माना भी लगाया गया था।