पाकिस्तान हाईकमीशन में ISI का ‘जासूस’, भारत छोड़ने का आदेश, देश की सुरक्षा से जुड़े अहम दस्तावेज मिले थे

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दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारी महमूद अख्तर को 48 घंटे के अंदर भारत छोड़ने के लिए कहा है। दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर रवींद्र यादव ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस जासूसी नेटवर्क के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ये लोग (महमूद अख्तर,मौलाना रमज़ान और सुभाष जांगीड़ ) जासूसी कर रहे थे और गोपनीय दस्तावेज मुहैया कराने के लिए इन्हें मोटा पैसा मिलता था। तीनों जासूसों को दिल्ली के जू से हिरासत में लिया गया।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक पाकिस्तानी उच्चायोग के कर्मचारी के पास बीएसएफ की तैनाती और रक्षा तैनाती नक्शों से संबंधित दस्तावेज थे। जासूसी घेरे में शामिल जोधपुर के शोएब नामक व्यक्ति की पहचान की गई है जिसे जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस के मुताबिक ये तीनों बीते डेढ़ वर्ष से जासूसी के काम में लिप्त थे, उन्होंने पाक की खुफिया एजेंसियों को जानकारी मुहैया करवाई है। रवींद्र यादव ने कहा कि महमूद और अन्य डेढ़ साल से आईएसआईए के लिए जासूसी कर रहे थे। महमूद अख्तर पाकिस्तानी सेना का हवलदार था और वीजा कंसल्टेंट के तौर पर काम कर रहा था। वह पाकिस्तान आर्मी के बलूच रेजीमेंट में तैनात था। अख्तर को जानबूझकर विभाग में लाया गया था। वह तीन साल पहले हाईकमीशन में आया।

उन्होंने कहा कि अख्तर 30 साल पहले आईएसआई में शामिल हुआ था। अख्तर के पास रक्षा से जुड़े कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं। उसके पास से बॉर्डर के नक्शे भी बरामद किए गए हैं। वह लंबे अरसे से आईएसआईए के लिए जानकारी जुटा रहा था। अख्तर वीजा सेक्शन में भारतीय से संपर्क करता था। गौर हो कि खुफिया जानकारी के आधार पर दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने महमूद अख्तर नाम के कर्मचारी को हिरासत में लिया था। पुलिस के मुताबिक राजनयिक छूट प्राप्त होने के कारण, उसे पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।

गौर हो कि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दो अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है। ये दोनों राजस्थान के निवासी हैं। इन्हें पाकिस्तानी उच्चायोग के कर्मचारी को कथित तौर पर संवेदनशील जानकारी मुहैया कराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘ये जासूस राजस्थान के रहने वाले हैं, जो पाकिस्तान के आईएसआई के लिए काम कर रहे थे। ये जासूस यहां पाकिस्तानी उच्चायोग के कर्मचारियों के संपर्क में थे और संवेदनशील जानकारी मुहैया करा रहे थे।’गिरफ्तार किए गए दोनों लोगों की पहचान मौलाना रमज़ान और सुभाष जांगीड़ के रूप में की गई है।