मेरठ पुलिस ने बीएड छात्रा की लाश को जलती चिता से निकाला, परिजनों पर शक

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मेरठ में टीपीनगर के मलियाना में छात्रा की संदिग्ध हालत में मौत होने पर परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए श्मशान घाट पहुंच गए, पर वहाँ इंस्पेक्टर टीपीनगर फोर्स के साथ पहुंचे गए और चिता से लाश को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। इंस्पेक्टर ने बताया कि परिवार पर हत्या का शक होने के चलते दीपा के भाई बिट्टू को हिरासत में लिया गया था। बाद में उसे छोड़ दिया गया। जांच की जा रही है।

टीपीनगर के मलियाना में विरेंद्र वाल्मीकि का परिवार रहता है। विरेंद्र के तीन बेटे और एक बेटी दीपा थी। दीपा बीएड कर रही थी। दो दिन पहले विरेंद्र के भाई की मौत हो गई थी। परिवार के लोग उसके ही घर पर थे। बुधवार सुबह भी घर के लोग वहीं गए हुए थे और दीपा घर पर अकेली थी। लोगों के मुताबिक कुछ घंटे बाद परिवार के लोग वापस आए तो घर में चीख-पुकार मच गई। मोहल्ले के लोग पहुंचे तो उन्हें बताया कि दीपा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।
लोगों ने सूचना दी तो टीपीनगर थाने की फैंटम पहुंच गई। परिवार वालों ने आननफानन में लाश को फंदे से उतारा और अंतिम संस्कार के लिए ले जाने लगे। फैंटम पर तैनात पुलिसकर्मियों ने रोकना चाहा लेकिन किसी ने नहीं सुनी। शव को मलियाना के वाल्मीकि श्मशान घाट में ले जाकर अंतिम संस्कार शुरू कर दिया। इंस्पेक्टर टीपीनगर सचिन मलिक फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने जलती चिता से लाश को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस अभी जांच कर रही है।