उत्तर प्रदेश में अक्षम 50 पीसीएस को अनिवार्य सेवानिवृत्ति

453
SHARE

सरकारी सेवाओं में दक्षता सुनिश्चित करने के लिए 50 वर्ष की उम्र पार कर चुके अधिकारियों और कर्मचारियों की अनिवार्य सेवानिवृत्त की पहल की गई है। मुख्य सचिव राजीव कुमार ने ऐसे सरकारी सेवकों को चिह्नित कर 31 जुलाई तक उनकी सूची मांगी थी लेकिन, अभी पूरी तरह यह तैयार नहीं हो सकी है। इस सिलसिले में शुक्रवार को पीसीएस अफसरों की स्क्रीनिंग के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक बैठक हुई जिसमें करीब 50 पीसीएस अफसर चिह्नित किए गए। अभी बहुत से अफसरों के रिकार्ड अधूरे हैं इसलिए आगे फिर यह बैठक होगी।

32 वर्ष पहले का शासनादेश है कि नियुक्ति प्राधिकारी किसी भी समय सरकारी सेवक को नोटिस देकर बिना कोई कारण बताए उसके 50 वर्ष की आयु पूरी कर लेने के पश्चात सेवानिवृत्त हो जाने की अपेक्षा कर सकता है। इसके लिए तीन माह की नोटिस देनी होगी। पहले केंद्र की मोदी सरकार ने ऐसे अफसरों की छंटनी में तेजी दिखाई तो उसी राह पर चलते हुए योगी सरकार ने भी कदम बढ़ा दिए। अब विभागवार और संवर्गवार 50 उम्र पार अधिकारी-कर्मचारी को चिह्लित करने का अभियान तेजी से चल रहा है।

शुक्रवार की बैठक में यूं तो 50 पीसीएस अफसरों के खराब रिकार्ड, दागी छवि, पूर्व में की गई गंभीर कार्रवाई जैसे मामले आए लेकिन, मुख्य सचिव ने कहा कि इसमें हड़बड़ी की जरूरत नहीं है। उन्होंने चिह्नित करने की कसौटी को निष्पक्ष बनाने और ऐसे लोगों को रिटायर करने के निर्देश दिए जो वाकई बोझ बने हैं। इस दौरान अपर मुख्य सचिव नियुक्ति दीपक त्रिवेदी भी मौजूद थे। स्क्रीनिंग कमेटी को यह हिदायत दी गई कि जो भी नाम चिह्नित करें उनके पूरे रिकार्ड की समीक्षा करें। ऐसी चूक न हो कि न्यायालय में जाकर कोई लाभ उठाए। इसलिए पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और ईमानदारी बरतने की हिदायत दी गई।

source-DJ