उरई में दुष्कर्म पीडि़ता ने जहर खाकर जान दी, पुलिस ने नहीं की थी कोई कार्रवाई

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दुष्कर्म पीडि़ता इंसाफ के लिए पुलिस की चौखट पर माथा रगड़ रही थी लेकिन बेदर्द पुलिस उसकी सुनने को ही तैयार नहीं थी। थाने से दुत्कार कर भगा दिया गया तो दुष्कर्मी ने फिर पीडि़ता को धमकाया। जब कहीं से कोई आस नहीं दिखी तो अनुसूचित जाति की महिला ने अपनी जान देकर सोते सिस्टम को जगाने की कोशिश की। डकोर थाने की पुलिस तो अब भी महिला की शिकायत से इन्कार कर रही है जबकि उच्चाधिकारी जांच कराने की बात कह रहे हैं। घटना के बाद अब गांव में तनाव के हालात हैं।

ग्राम खरका निवासी महिला का पति हरियाणा में रहकर मजदूरी करता है। महिला अपनी सास के साथ ही रहती थी। मंगलवार को गांव के एक दबंग ने घर में घुसकर तमंचे के बल पर उससे दुष्कर्म किया था। घटना के बाद आरोपित धमकी देकर वहां से चला गया। पीडि़ता ने घटना वाले दिन ही सास के साथ डकोर थाने जाकर आरोपित के विरुद्ध नामजद तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। महिला की रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की गई। उसे दुत्कारकर थाने से भगा दिया गया।

उधर आरोपी के हौसले इस कदर बुलंद हो गए कि उसने फिर महिला के घर जाकर धमकाया। न्याय न मिलने से आहत दुष्कर्म पीडि़ता ने गुरुवार दोपहर विषाक्त पदार्थ खा लिया। उसकी हालत बिगडऩे पर परिवारीजन को पता चला। अस्पताल ले जाने से पहले ही उसकी मौत हो गई। इस पर पुलिस को घटना की सूचना दी गई।

डकोर थानाध्यक्ष संतोष सिंह का कहना है कि महिला रिपोर्ट दर्ज कराने थाने नहीं आई थी, अन्यथा तत्काल मुकदमा लिखा जाता। इधर अपर पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि घटना की जानकारी नहीं है। मामले की सीओ से जांच कराकर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी, किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।