अब तक 298 सीट पर बीजेपी जीती, लक्ष्मीकांत वाजपेयी चुनाव हारे

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मौजूदा विधानसभा चुनावों में भाजपा के शानदार प्रदर्शन ने विरोधियों को हैरत में डाल दिया है। अमित शाह ने कहा, “सबसे पहले आप सभी को और पूरे देश की जनता को होली की शुभकामनाएं। 5 राज्यों के नतीजे करीब-करीब आ चुके हैं।”
– “नतीजे बीजेपी के लिए उत्साहित करने वाले हैं। यूपी, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में बीजेपी सरकार बनाने जा रही है। पंजाब में अकाली दल को हमसे ज्यादा वोट मिले। ये जनादेश देश को नई दिशा देगा।”
– “अनेक मौकों पर बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने हमारा हौसला बढ़ाया। यूपी में हमें तीन चौथाई मिला है। आजादी के बाद यूपी में (उत्तराखंड अलग होने के बाद) ये सबसे बड़ी जीत है।”
– “ये जनता की जीत है। ये नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और करोड़ों कार्यकर्ताओं के परिश्रम की जीत है।”
– “न केवल हमने अच्छी योजना बनाई बल्कि 93 से ज्यादा योजनाओं को लागू किया। जनधन, उज्ज्वला जैसी कई योजनाओं को लागू किया।”
– “देश के दलित, पिछड़े तबके ने मोदी में आस्था जताई है। मोदी आजादी के बाद देश के सबसे लोकप्रिय नेता बनकर उभरे हैं।”

सफलता का आलम ऐसा है‌ कि यूपी और उत्तराखड में तो मोदी लहर राम लहर से भी बड़ी होती दिख रही है। इतनी बड़ी सफलता की उम्‍मीद तो खुद भाजपा नेताओं ने भी नहीं की होगी, लेकिन राजनीति में कब क्या चमत्कार हो जाए कोई नहीं कह सकता।

उत्तर प्रदेश में भाजपा गठबंधन 300 सीटों को पार करता दिख रहा है तो उत्तराखंड में भी पार्टी को दो तिहाई सीटें मिलती दिख रही हैं। गोवा में जहां पार्टी सत्ता में वापसी की ओर है तो उत्तर पूर्व के राज्य मणिपुर में कांग्रेस को कड़ी टक्कर दी है। हालांकि पंजाब के नतीजे पार्टी के मनमुताबिक नहीं रहे, लेकिन ये पार्टी के लिए बड़ी टेंशन भी नहीं है, क्योंकि यहां वह कभी भी मुख्य मुकाबले में नहीं रही।

खास बात ये है कि इस शानदार प्रदर्शन के बाद भाजपा को नोटबंदी के जिन्न से पीछा छुड़ाने में भी मदद मिलेगी। वहीं विपक्षी दलों के लिए ये नतीजे चिंतन वाले साबित हुए हैं। यूपी की जनता ने जहां अखिलेश राहुल के साथ को पूरी तरह नकार दिया है, वहीं बसपा के तो वजूद पर ही सवाल खड़ा कर दिया है।

गोवा में भाजपा और कांग्रेस के बीच कशमकश जारी है तो उत्तर पूर्व के राज्य मणिपुर में भाजपा ने दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है। खास बात ये है कि इन चुनावों के परिणाम देश का राजनीतिक परिदृश्य बदलने वाले भी साबित होंगे, जिसके बाद भाजपा राज्यसभा में भी मजबूत होगी और राज्यों में भी। जिससे उसे जीएसटी और अन्य बड़े फैसले लागू करवाने में भी आसानी होगी।