योगी के 2 महीने के राज में, रोज 5 रेप 3 हत्या और 5 लूट, सपा के मुकाबले यूपी में 195% क्राइम रेट बढ़ा

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19 मार्च को यूपी में बीजेपी की सरकार बनने के बाद अपने गोरखपुर के पहले दौरे पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि अपराधी यूपी छोड़ दें, लेकिन अब तक उनकी वॉर्निंग कोई असर होता नहीं दिख रहा है। सरकार बनते ही अपने मैनिफेस्टो में किए गए वादे के मुताबिक आदित्यनाथ ने राज्य में एंटी रोमियो स्क्वॉड का भी गठन किया, लेकिन राज्य में रेप की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रहीं। योगी सरकार बने 2 महीने 23 दिन हो गए हैं, लेकिन क्राइम लगातार बढ़ता जा रहा है। डीजीपी ऑफ‍िस के एक आंकड़े के मुताबिक, अप्रैल और मई महीने में हर रोज 5 रेप, 3 हत्या और 5 लूट की घटनाएं हुई हैं। हर तीसरे दिन पुलिस के आंकड़ों में एक डकैती का केस दर्ज हो रहा है। ये हाल तब है, जब जब बीजेपी ‘न गुंडाराज न भ्रष्टाचार, अबकी बार भाजपा सरकार’ का नारा देकर सत्ता में आई है।

जहां 2016 में अखिलेश कार्यकाल के दौरान अप्रैल और मई महीने में मर्डर के 101, रेप के 41, डकैती के 3 और लूट के 67 केस सामने आए थे। वहीं, योगी सरकार में इन दो महीनों में मर्डर के 240 केस, रेप के 179 केस, डकैती के 20 केस और लूट के 273 केस दर्ज हुए हैं।

सपा सरकार में दो महीने के कार्यकाल के दौरान क्राइम के 212 केस सामने आए। जबक‍ि योगी सरकार में ये आंकड़ा 712 केसों तक पहुंच गया। इस तरह सपा कार्यकाल के मुकाबले योगी सरकार में यूपी में 195% क्राइम रेट बढ़ गया।

अप्रैल को सहारनपुर में एडमिनिस्ट्रेशन की परमिशन न होने के बावजूद अंबेडकर शोभायात्रा निकाली गई, जिस पर पथराव हुआ। पथराव के बाद हिंसा भड़की और तोड़फोड़ हुई। बीजेपी सांसद राघव लखनपाल ने अपने सपोर्टर्स के साथ एसएसपी का घर घेर लिया। मामला बढ़ता गया और 5 मई को एक बार फिर बवाल हुआ, आगजनी हुई।

मई को जेवर-बुलंदशहर हाईवे पर एक 40 साल के शख्स की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसकी पत्नी, बहन और सास के साथ बदमाशों ने गैंगरेप किया।

15 मई को आगरा में सर्राफा व्यापारी मयंक अग्रवाल की दुकान में करीब 6 से ज्यादा बदमाशों ने लूट की। विरोध करने पर बदमाशों ने 4 लोगों को गोली मार दी। दो की मौके पर ही मौत हो गई। दो अन्य लोग घायल हो गए। हालांकि, मामले में पुलिस ने 6 बदमाशों को अरेस्ट कर लिया।

यूपी की इन तीन घटनाओं पर योगी सरकार के खिलाफ अपोजिशन ने विधानसभा में सवाल उठवाए। सरकार को जमकर घेरा गया, सीएम योगी को भी जबाव देना पड़ा। फिलहाल, योगी आदित्यनाथ को सीएम की शपथ लिए हुए 75 दिन ही हुए हैं। सरकार का कहना है कि इतने बड़े प्रदेश के लॉ एंड ऑर्डर को दुरुस्त करने में थोड़ा वक्त लगेगा।