शामली में एक लाख का इनामी साबिर ढेर, दो पुलिस वाले गंभीर रूप से घायल

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मंगलवार देर रात कैराना में मुठभेड़ में पुलिस ने मुकीम काला गैंग के एक लाख के इनामी बदमाश साबिर को मार गिराया। लगभग डेढ़ साल पहले वह मुकीम काला के साथ नोएडा में पकड़ा गया था। इसके बाद वह बाराबंकी पुलिस कस्टडी से लगभग चार माह पहले फरार हो गया था। मुठभेड़ में इंस्पेक्टर भगवत सिंह और सिपाही अंकित भी गोली लगने से घायल हो गए हैं। अंकित के सिर और सीने में गोली लगी है। उन्हें मेरठ के आनंद अस्पताल लाया गया। अंकित की हालत ज्यादा गंभीर होने पर उन्हें नोएडा के फोर्टिस के लिए रेफर किया गया है। इंस्पेक्टर भगवत का आनंद अस्पताल में इलाज चल रहा है।

बाराबंकी से पुलिस कस्टडी से हुआ था फरार कैराना के गांव जंधेड़ी निवासी बदमाश सााबिर क्षेत्र में रंगदारी, लूट और हत्या के मामले में बाराबंकी जेल में बंद था। शाबिर के आतंक के कारण कई व्यापारी कैराना से पलायन कर गए थे। 10 माह पूर्व बाराबंकी जेल से पेशी पर लाते समय वह पुलिस हिरासत से फरार हो गया था। उस पर एक लाख का इनाम घोषित था। मंगलवार रात एसओजी व पुलिस को सूचना मिली कि सााबिर आपने घर पर साथियों के साथ मौजूद है।

रात लगभग 10.30 बजे कई थानों की पुलिस व एसओजी ने उसकी घेराबंदी कर ली। साबिर पत्नी के साथ कमरे में था। सिपाही अंकित ने जैसे ही कमरे का दरवाजा तोड़ा तो साबिर ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। सिपाही अंकित के सिर और सीने में गोली लग गई। कोतवाल भगवत भी पैर और कूल्हे में गोली लगने से घायल हो गए। इसी बीच साबिर ने फायरिंग करते हुए छत से कूदकर भागने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने एके 47 से फायरिंग की जिसमें साबिर मारा गया। उसके दो साथी भाग निकलने में सफल रहे। एसपी अजयपाल ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली।

घायल पुलिसकर्मियों को मेरठ के आनंद अस्पताल लाया गया। मेरठ के एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने बताया कि अंकित की गंभीर हालत को देखते हुए नोएडा रेफर कर दिया गया है। अंकित तोमर बागपत जिले के बड़ौत के वाजिदपुर गांव के रहने वाले हैं।

कैराना के गांव जंधेड़ी निवासी साबिर मुकीम काला गिरोह का शॉर्प शूटर था। वह लगभग चार माह पहले बाराबंकी पुलिस कस्टडी से फरार हुआ था। पुलिस के मुताबिक, साबिर एक शातिर अपराधी था। वह क्षेत्र में आंतक का पर्याय रहे मुकीम काला का दाहिना हाथ था। वह और मुकीम एक साथ रहकर कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दे चुके है। तीन साल पहले साबिर ने अपने साथियों के साथ मिलकर शामली में शराब कंपनी के कार्यालय पर धावा बोलकर गार्ड की हत्या कर बंदूक लूटी थी। यहां से मोटी रकम लूट कर बदमाश फरार हो गए थे। सहारनपुर में तनिष्क ज्वैलरी शोरूम में भी साबिर आदि ने लूटपाट की थी। गंगोह में घोड़ों वाले ज्वैलर्स के यहां पर लाखों की डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। यमुना नगर में भी एक ज्वेलर्स के यहां लाखों की लूट की थी।

राजस्थान में भी लूट की वारदात की थी। हरियाणा में मुकीम काला, महताब आदि के साथ मिलकर कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया। लगभग चार साल पहले कैराना में रंगदारी में रकम न देने पर अपने साथियों की मदद से दो व्यापारी भाइयों की सरेआम हत्या कर डाली थी। कैराना क्षेत्र निवासी काला सहित कई लोगों की हत्या भी की थी। देवबंद में लूटपाट कर एक सर्राफ की हत्या की थी। कैराना-कांधला मार्ग पर पशु व्यापारियों से बाइक लाख लूटे थे।