रायबरेली में मह‍िला से 2 बार गैंगरेप, 5 बार एसिड अटैक, 3 मामलों में आरोप झूठे, जेठ ने कहा पैसों के लिए किया

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राजधानी में शनिवार की रात एक बार फिर रायबरेली की रहने वाली महिला पर एसिड फेंका गया। महिला का आरोप है कि उसके साथ बीते 9 साल में 2 बार गैंगरेप और 5 बार एसिड फेंकने की घटना हुई है। जब महिला के आरोप पर पुलिस अधिकारियों से बात की तो पता चला कि 5 केस में से 3 में फाइनल रिपोर्ट लग चुकी है, जिसमें सामने आया कि 3 मामलों में आरोप झूठे हैं। वहीं, महिला के जेठ का कहना है कि ये महिला रुपयों के लिए झूठे आरोप लगाती हैं।

रायबरेली में रहने वाली इस महिला का आरोप है कि 2008 में कुछ बदमाशों ने गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया था और इस पर एसिड भी फेंक दिया था। महिला का आरोप है कि केस वापस लेने के लिए उसे लगातार धमकियां मिल रही थी। इस बीच उसका 1 बार गैंगरेप हुआ और उसपर एसिड हमला भी किया गया।

महिला के मुताबिक बीते 23 मार्च को भी बदमाशों ने महिला को चलती ट्रेन में तेजाब पिलाया था। जब वह ऊंचाहार से अपने बच्चों से मिलकर वापस आ रही थी। वहीं अब शनिवार को अलीगंज के जिस हॉस्टल में महिला रहती है वहां उसपर एसिड हमला हुआ।

हॉस्टल के गार्ड के मुताबिक जब वह महिला का शोर सुनकर पहुंचा तो महिला ने जिस ओर आरोपियों के भागने का इशारा किया, वह उधर दौड़कर गया, पर कोई नजर नहीं आया। हॉस्टल की दीवार करीब साढ़े छह फीट ऊंची है।

ये मामले पाए गए झूठे-

पहला मामला:11 दिसंबर 2008 को पहली बार महिला ने आरोप लगाया कि उसके साथ गांव के ही दबंग भोंदू सिंह, ननकऊ सिंह, त्रिभुवन सिंह समेत पांच लोगों ने गैंगरेप के बाद एसिड डाल दिया। यह मामला पुलिस की इनवेस्ट‍िगेशन में झूठा पाया गया और 4 जुलाई 2009 में फाइनल रिपोर्ट (एफआर) लगा दी गई।

दूसरा मामला: 19 फरवरी 2011 को महिला के घर में मारपीट हुई थी और इस मामले में एससीएसटी एक्ट में मामला दर्ज हुआ। इस केस में भी पुलिस ने एफआर लगा दी है।

तीसरा मामला:25 अक्टूबर 2012 को रायबरेली में एनटीपीसी के पास महिला का अपहरण करने के बाद गैंगरेप किया गया। इस मामले की इनवेस्टिगेशन सीबीसीआईडी ने की थी। सीबीसीआईडी ने ये मामला झूठा पाया था।

महिला के जेठ राजेंद्र पासी ने कहा कि, ये महिला अक्सर ऐसे झूठे आरोप लगाती है। पैसे के लिए ये ऐसा कर रही है। इतना ही नहीं इसने अपने भाई और भाभी पर भी एसिड फेंकना का आरोप लगाया था। गांव वालों ने कहा कि महिला यहां रहती नहीं है। उसे आरोप लगाने के बाद आवास मिल गया था, जिसमें वो रहती है। हमें इसके मामले में ज्यादा जानकारी नहीं है।

आरोप लगाने के बाद योगी ने महिला को 1 लाख रुपए दिए थे। वहीं जब अखिलेश सरकार में महिला पर हमला हुआ था उस वक्त उसे डेढ़ लाख रुपए मिले थे।महिला को रायबरेली की सोनिया नगर में आवास भी मिला है।

23 मार्च की घटना के बाद आरोपी गुडडू सिंह और भोंदू सिंह की पत्नियों ने इस महिला पर आरोप लगाए थे। गुडडू सिंह की पत्नी नीतू सिंह और भोंदू सिंह की पत्नी अंजू सिंह व उनके परिजनों ने मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में लिखा था कि उनके गांव सवैया धनी में पडोस की रहने वाली दलित महिला का नाली का विवाद है। जिसके चलते वह आये दिन आरोप लगाकर मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न करा रही है।

रायबरेली में रहने वाली महिला पर बीते 23 मार्च को मोहनलालगंज में ट्रेन में एसिड पिलाने का मामला प्रकाश में आया था। इस मामले में सीओ जीआरपी आरडी यादव ने जांच में पूरा मामला झूठा पाया और पूरे मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाया गया। इसके बाद 169 की कार्यवाही करते हुए जेल में बंद भोंदू सिंह और उसके भाई को छुड़वाया था। ट्रेन में एसिड अटैक के मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्रॉमा सेंटर में जाकर एक लाख रुपए मुआवजा दिया था।

एडीजी जोन लखनऊ अभय प्रसाद ने कहा- अलीगंज वाली घटना में अभी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। पीड़िता के परिजनों का कहना है कि पीड़िता से बात करने के बाद ही एफआईआर दर्ज की जाएगी। पीड़िता ने इससे पहले भी कई बार आरोप लगाए हैं, जिनमें 5 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में से 3 में फाइनल रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है।

source-DB