हादसा नहीं, जमीनी रंजिश मे तीन को पीटकर मारा, दो को जिंदा जलाया, पूर्व सपा नेता समेत चार नामजद

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रायबरेली के बरगदहा गांव के पास कल रात मे जमीनी रंजिश मे तीन लोगों को लाठी डंडों से पीटकर हत्या की गई और दो लोगो को जिंदा गाड़ी मे जलाया गया है। मामले मे रोहनिया के पूर्व प्रमुख सपा नेता शिव कुमार यादव समेत चार को नामजद किया गया।

चार अन्य अज्ञात के विरुद्ध भी मुकदमा दर्ज किया गया है। वादी देवेश मिश्र का आरोप है कि वह सब लोग अपने ननिहाल जा रहे थे तभी रास्ते मे इटौरा प्रधान के पुत्र राजा यादव और अन्य ने उन पर हमला किया। मरने वालों में प्रतापगढ़ निवासी रोहित शुक्ला, देवरा के अनुप मिश्रा, अंकुश मिश्रा, नरेश शुक्ला और कौशांबी के बृजेश शुक्ला शामिल हैं। वहीं ऊंचाहार के देवेश मिश्रा और प्रतापगढ़ के वीरू पांडेय शामिल हैं।

आरोप है कि कार सवार लोगों की गांव की महिला प्रधान से किसी बात को लेकर लड़ाई हुई थी। कार सवारों ने महिला प्रधान के घर फायरिंग की थी और विरोध पर भाग रहे थे। चर्चा है कि कार सवारों को आक्रोशित ग्रामीणों ने जिंदा जला दिया।

हालांकि एसपी गौरव सिंह का कहना है कि ग्राम प्रधान पर हमले के आरोपित हादसे के शिकार हुए हैं। बरगदा गांव की महिला प्रधान रामश्री के घर पर सोमवार रात दो पक्षों के बीच किसी मामले को लेकर पंचायत हो रही थी। इसी दौरान रात करीब नौ बजे अचानक दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी। देखते ही देखते दोनों पक्ष आक्रोशित हो गए और एक दूसरे पर फायरिंग करने लगे।

महिला ग्राम प्रधान के पक्ष का आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने पहले गोलियां चलाई थीं। विरोध करने पर कार से भागने लगे, जिनका ग्रामीणों ने पीछा किया। इसी दौरान अनियंत्रित कार एक बिजली के खंभे से टकरा कर पलट गई और उसमें आग लग गई।

उधर, आरोपित हमलावर पक्ष का कहना है कि महिला ग्राम प्रधान और उनके समर्थकों ने कार में आगजनी की थी। जिससे पांच लोगों की जलकर मौत हो गई। ग्रामीणों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद एसपी समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई।

मौके पर एडीजी और आईजी पहुंच चुके हैं। डीएम ने भी मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का जायजा लिया। तनाव को लेकर चडरई से बिंदागंज मार्ग जाम कर दिया गया है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

एसपी का कहना है कि शवों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। मरने वाले कौन लोग हैं और गांव में किस बात की पंचायत थी, इसके बारे में पड़ताल की जा रही है। घटना के बाद से ग्राम प्रधान का परिवार गांव से लापता है। पुलिस अभी तक इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी है कि आग लगी है या लगाई गई है।