नोएडा में गश्त पर निकले SSP पर कांस्टेबल ने तान दी बंदूक

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नोएडा क्राइम ब्रांच पर स्थानीय कारोबारियों से उगाही करने के आरोपों के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि को गहरा धक्का लगा है. उगाही की रेट लिस्ट सामने आने के बाद पूरी क्राइम ब्रांच यूनिट को भंग कर दिया गया है. अब नोएडा पुलिस अपने ही कर्मियों के खिलाफ सख्त हो गई है और भ्रष्ट पुलिसकर्मियों की पड़ताल की जा रही है. गौतमबुद्ध नगर के SSP भी महकमे के भ्रष्ट पुलिसकर्मियों के खिलाफ कमर कसते हुए बीत रात सादे कपड़ों में औचक निरीक्षण के लिए निकले.

रातभर सादे कपड़ों में SSP अजयपाल शर्मा न सिर्फ यह देखते रहे कि कहीं कोई पुलिसकर्मी अवैध वसूली तो नहीं कर रहा, बल्कि इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों की मुस्तैदी की भी परीक्षा ली. वह कभी फॉर्चूनर गाड़ी में घूमते रहे तो कभी ऑटो में.

इस बीच उस समय एसएसपी को अहसज स्थिति से गुजरना पड़ा, जब एक बैरिकेड पर एक कांस्टेबल ने उन पर ही AK-47 तान दी. दरअसल एसएसपी अजयपाल शर्मा यह देखने निकले थे कि कहीं उनके महकमे के पुलिसकर्मी उगाही या अन्य अवैध वसूलियों में तो लिप्त नहीं है. साथ ही उन्होंने पुलिसकर्मियों की मुस्तैदी की भी परीक्षा ली. इसके लिए उन्होंने वायरलेस पर एक संदिग्ध फॉर्चूनर गाड़ी के गुजरने की सूचना प्रसारित करवाई, जबकि वह खुद उसी फॉर्चूनर में सवार थे.

इसी दौरान एक बैरिकेड से गुजरने के दौरान पुलिसकर्मियों ने गाड़ी रोकने की इशारा किया, लेकिन जब उनकी गाड़ी नहीं रुकी तो एक कांस्टेबल दौड़कर आया और एसएसपी अजयपाल शर्मा पर ही अपनी एके-47 तान दी और गाड़ी से उतरने को कहा. इसके बाद एसएसपी अजय पाल शर्मा फार्चूनर कार से नीचे उतरे और अपने जवान की मुस्तैदी के लिए प्रशंसा की.

लेकिन इस बीच सबकुछ ठीक वैसा ही नहीं रहा जैसा एसएसपी ने सुरक्षा के मद्देनजर सोचा था. SSP को इस बीच एक पीसीआर वैन ऐसी भी मिली, जिसने अलर्ट घोषित होने के बावजूद संदिग्ध फॉर्चूनर गाड़ी का पीछा नहीं किया.

वायरलेस पर अजयपाल शर्मा ने एक पीसीआर वैन को सूचित किया कि आपके इलाके से संदिग्ध फॉर्चूनर गाड़ी गुजरेगी. लेकिन सूचना होने के बावजूद पुलिस वैन ने अपने सामने से गुजरती फॉर्चूनर कार को रोकने की जहमत नहीं उठाई. जिसके बाद एसएसपी ने उस पुलिस वैन में सवार एक सब इंस्पेक्टर राजवीर को सस्पेंड कर दिया.

अजयपाल शर्मा इसके बाद तड़के 4.0 बजे सादे कपड़ों में ऑटो में सवार होकर यह देखने निकले कि कहीं पुलिस इलाके में अवैध उगाही तो नहीं कर रही. अजयपाल शर्मा ने बताया कि इस गुप्त छापेमारी के दौरान अगर कोई पुलिसकर्मी कहीं उगाही करता पकड़ा जाता तो उसके खिलाफ वहीं तत्काल सख्त कार्रवाई की जाती.

अजयपाल शर्मा सादे कपड़ों में कई घंटे नोएडा की सड़क पर ऑटो में सवार होकर घूमते रहे. हालांकि इस अभियान के दौरान एक भी पुलिसकर्मी कहीं भी अवैध वसूली करता नहीं पाया गया.

अजय पाल शर्मा ने कहा की कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस की लापरवाही जरा भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आगे भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे. साथ ही पुलिस को संदेश दिया कि वह ड्यूटी में लापरवाही जरा भी न बरतें और कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखें.

बता दें कि शुक्रवार को नोएडा पुलिस महकमे में तब हड़कंप मच गया, जब क्राइम ब्रांच के अफसरों द्वारा की जाने वाली उगाही की रेट लिस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. बताया जा रहा है कि उगाही के पैसों के बंटवारे को लेकर क्राइम ब्रांच के दो गुटों में विवाद हो गया, जिसके बाद क्राइम ब्रांच के ही एक पुलिसकर्मी ने यह रेट लिस्ट लखनऊ सीनियर अफसरों को भेज दी.

इस रेट लिस्ट में साफ-साफ लिखा है कि किस कारोबारी से कितने पैसे मिलते हैं और पुलिस कहां-कहां से कितने पैसे वसूलती है. इंस्पेक्टर से लेकर SP तक को मिलने वाले पैसों का इस बही खाते में लेखा जोखा है.

नोएडा पुलिस की पूरी की पूरी क्राइम ब्रांच के उगाही के इस धंधे में संलिप्तता का संदेह है. सोशल मीडिया पर तैर रही नोएडा क्राइम ब्रांच की यह रेट लिस्ट लखनऊ में सीनियर अधिकारियों तक पहुंची तो उनके भी होश उड़ गए.

अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की और नोएडा के SSP के आदेश पर तत्काल नोएडा की पूरी क्राइम ब्रांच को ही भंग कर दिया गया है. इतना ही नहीं नोएडा क्राइम ब्रांच के सभी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है.

source-AAJ TAK