लखनऊ में गोमती नदी का पानी सड़ने लगा है

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लखनऊ में गोमती नदी का पानी सड़ने लगा है। यह केवल उस पर पनप रही जलकुंभी से ही नहीं जाहिर हो रहा है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा की जाने वाली गोमती मॉनीटरिंग रिपोर्ट के अनुसार गोमती में घुलित आक्सीजन (डीओ) घटकर मात्र 1.8 मिली ग्राम प्रति लीटर रह गई है। नतीजा यह है कि जलकल विभाग को शहरियों को आपूर्ति किए जाने वाले पानी को पीने लायक बनाने के लिए केमिकल की मात्रा बढ़ानी पड़ी है।

गोमती की दशा दरअसल काफी चिंताजनक है। एक तो नदी में बहाव न के बराबर है तो वहीं गोमती में कुड़िया घाट के पास पानी रोकने के लिए बनाए गए अस्थायी बांध भी अवरोध साबित हो रहे हैं। वहीं तापमान भी चरम पर है। ऐसे में गोमती में नालों के जरिए लगातार सीवेज पहुंचने का सिलसिला भी जारी है।

ऐसे में नदी के जल की गुणवत्ता बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। बोर्ड द्वारा की गई मॉनीटरिंग के अनुसार दो दिन पहले गऊघाट इंटेक पर डीओ 5.4 पाई गई थी जबकि बैराज के पास डीओ घटकर 1.8 मिली ग्राम प्रति लीटर ही रह गई है।

यही नहीं बीते कई दिनों से डीओ निरंतर कम हो रही है। खासतौर पर गऊघाट जहां से जलकल शहरवासियों को आपूर्ति के लिए हर रोज पानी उठाता है वहां भी डीओ पांच मिली ग्राम प्रति लीटर के आसपास ही दर्ज की जा रही है। अमूमन गऊघाट इनटेक पर पानी में डीओ सात-आठ मिग्रा. प्रति लीटर रहती है।

जलकल महाप्रबंधक एसके वर्मा बताते हैं कि बीते कुछ दिनों से पानी में गंदगी ज्यादा है। इसके चलते ट्रीटमेंट में एल्यूमिना फेरिक का भी प्रयोग करना पड़ रहा है। एल्यूमिना फेरिक का इस्तेमाल अमूमन बरसात में पानी में टर्बिडिटी ज्यादा बढ़ने पर किया जाता है, लेकिन पानी में गंदगी के चलते इसका प्रयोग करना पड़ रहा है। वहीं प्रीक्लोरिनेशन व क्लोरिनेशन में क्लोरीन की मात्रा भी बढ़ा दी गई है।

बहरहाल गोमती में न तो जलीय जीवन ही बचा है और न ही इसका जल इस्तेमाल लायक बचा है। ऐसे में गोमती रिवर फ्रंट नियोजनकर्ताओ की समझ पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। गौरतलब है कि लाखों रुपये के फव्वारे व बोट लाई गईं। साथ ही करोड़ों रुपये की रिवरफ्रंट आदि सभी योजनाएं आगे-पीछे जांच के दायरे में आ गई।

इस समय ये सभी योजनाओं पर भ्रष्ट्राचार के आरोप लगे हैं और सबकी जांच चल रही है। इसका मतलब कहीं न कहीं गोमती को स्वच्छ करने में ईमानदारी नहीं बरती जा रही है। वरना इतना पैसा व समय खर्च होने के बाद नदी साफ न हो ऐसा नहीं हो सकता।

source-DJ