कैराना में सपा, बसपा, कांग्रेस, रालोद और AAP ‘साथ-साथ’

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कर्नाटक में सरकार बनाने में नाकाम रहने वाली भारतीय जनता पार्टी के लिए अब उत्तर प्रदेश का कैराना लोकसभा उपचुनाव नाक की लड़ाई बन गई है. कैराना उपचुनाव को जीतना न सिर्फ बीजेपी के लिए अहम है, बल्कि उसके लिए बड़ी चुनौती भी है. क्योंकि कैराना लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी एक तरफ और तो उसे टक्कर देने के लिए सारी पार्टियां संयुक्त रूप से दूसरी ओर है. यानी बीजेपी को छोड़ दे तो, कैराना में विपक्षी पार्टियों का याराना बढ़ रहा है. अब दिल्ली की आम आदमी पार्टी ने भी सपा-बसपा-रालोद समर्थित उम्मीदवार के समर्थन का ऐलान कर दिया है.

हालांकि, इससे पहले ही कांग्रेस ने भी ऐलान कर दिया है कि वह अपने प्रत्याशी को कैराना के मैदान में नहीं उतारेगी और सपा-रालोद-बसपा समर्थित उम्मीदवार को ही अपना समर्थन देगी. यानी कैराना के चुनावी मैदान में अब बीजेपी चारों तरफ से घिर चुकी है. यानी सभी पार्टियों ने मिलकर बीजेपी को हराने के लिए चक्रव्यूह रच लिया है.

बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) ने कैराना लोकसभा उपचुनाव में राष्ट्रीय लोकदल-सपा प्रत्याशी के समर्थन का ऐलान किया. आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय सिंह ने बुधवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने नफरत की राजनीति को हवा देने वाली सांप्रदायिक शक्तियों को परास्त करने के लिए यह फैसला किया है. इसलिए उन्होंने पार्टी के स्थानीय काडर से कहा है कि वे कैराना उपचुनाव में सपा-रालोद-बसपा गठबंधन के समर्थित प्रत्याशी के पक्ष में खुलकर काम करें.

वहीं, कांग्रेस पहले ही इस बात की पुष्टी कर चुकी है कि इस उपचुनाव में वह भी महागठबंधन के साझा उम्मीदवार को ही अपना समर्थन देगी. इसकी वजह बताई जा रही है कि पार्टी इस कदम से विपक्ष के महागठबंधन की उम्मीदों को बढ़ाना चाहती है, ताकि कैराना में बीजेपी को हराया जा सके. यानी कांग्रेस भी 2019 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर कैराना में ऐसा फैसला लिया है.

28 मई को होने वाले कैराना लोकसभा उपचुनाव में संयुक्त विपक्ष के पूर्ण समर्थन से रालोद की प्रत्याशी तबस्सुम बेगम मैदान में हैं. इस तरह से देखा जाए तो कैराना उपचुनाव बीजेपी के मुकाबले सपा-बसपा और रालोद का गठबंधन है. मगर अब कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भी अपना समर्थन देकर बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है. क्योंकि अब बीजेपी का मुकाबला किसी एक पार्टी से नहीं है, बल्कि परोक्ष रूप से पांच-पांच पार्टियों से है. यानी अकेली बीजेपी अब पांच पार्टियों से लड़ेगी.

भारतीय जनता पार्टी ने कैराना से स्वर्गीय सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को प्रत्याशी बनाया है. राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने समाजवादी पार्टी से कैराना की पूर्व सांसद तबस्सुम बेगम को पार्टी में शामिल कर उन्हें कैराना से अपना प्रत्याशी बनाया है. बता दें कि बीजेपी के सांसद हुकूम सिंह के निधन के बाद कैराना की सीट खाली हो गई थी.

source-NDTV