आईएएस अनुराग तिवारी के केस में उत्तर प्रदेश पुलिस पर गंभीर आरोप, देखे रिपोर्ट

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पिछले दिनों कर्नाटक कैडर के आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में बेहद सनसनीखेज खुलासा हुआ है। दरअसल अनुराग तिवारी की मौत वाले दिन एक राहगीर ने सुबह करीब 5 बजकर 23 मिनट पर इसकीसूचना डायल 100 को दे दी थी। राहगीर नेडायल 100को बताया था कि सड़क पर एक अज्ञात व्याक्ति संदिग्ध हालत में पड़ा है। जिसके बाद 5 बजकर 36 मिनटपर अज्ञात शव का मैसेज वायरलेस पर प्रसारित किया गया था।

वहीं इस मामले में अब कॉल डीटेल से जो नया खुलासा हुआ है वह काफी हैरान करने वाला है। जिस राहगीर ने अनुराग की मौत की सूचना डायल 100 को दी थी वह अपनी नाइट शिफ्ट खत्म कर के घर जा रहा था। तभी रास्ते में उसने अनुराग तिवारी को सड़क पर पड़ा देखा और इसकी सूचना सुबह करीब 5 बजकर 23 मिनट पर डायल 100 को दी। लेकिन पुलिस पर इस मामले में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लग रहा है। आपको बता दें कि यूपी पुलिस का कहना है कि उसे आईएएस अनुराग तिवारी के सड़क पर पड़े होने की सूचना सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर मिली थी। वहीं अब जब इस मामले में पुलिस की इस गंभीर लापरवाही की पोल खुल रही है तो बड़े अफसरों के इशारे पर सूचना देने वाले राहगीर को ही अंडरग्राउंड कर दिया गया है।
आईएएस अनुराग तिवारी की मौत मामले में बनाए गए जांच प्रभारी हजरतगंज सीओ अवनीश मिश्रा की एक और बड़ी लापरवाही सामने आई है। आपको बता दें कि इससे पहले भी सपा सरकार में मंत्री रहे गायत्री प्रजापति को जमानत दिलाने में अवनीश मिश्रा पर सवाल उठ चुके हैं। वहीं अब अनुराग की मौत के मामले में भी राहगीर के द्वारा दी गई जानकारी की टाइमिंग में की गई लापरवाही को भी पुलिस छिपाने में जुटी है।
वहीं इस मामले में एसएसपी दीपक कुमार का कहना है कि अभी तक ऐसी जानकारी मेरे संज्ञान में नहीं आई है। उन्होंने कहा कि अगर डायल 100 को समय पर सूचना मिलने के बाद भी ऐसी लापरवाही हुई है तो आरोपी पुलिसकर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों के खिलाफ जांच करवाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं एमसीआर के एडीजी अनिल अग्रवाल ने दोषी पुलिस वालों के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
 वहीं इस मामले की जानकारी पीड़ित परिवार को मिलने पर अनुराग तिवारी के बड़े भाई ने कहा कि अगर पुलिस कर्मी वक्त रहते मौके पर पहुंच जाते तो शायद मेरे भाई को बचाया जा सकता था। पुलिस को जानकारी 5 बजकर 23 मिनट पर ही मिल गई थी लेकिन पुलिस ने सूचना मिलने की खबर सुबह 6 बजकर 10 मिनट की बताई। तब तक सिविल हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने अनुराग को मृत घोषित कर दिया था।