दुख है कि जिस सिंध में पैदा हुआ, वो भारत का हिस्सा नहीं: आडवाणी

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लाल कृष्ण आडवाणी ने कहा कि उन्हें अफसोस है कि वो जिस सिंध में पैदा हुए, वो भारत का हिस्सा नहीं है और सिंध के बिना भारत अधूरा लगता है. आडावणी ने ये बात बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना के सामने एक कार्यक्रम में कही.

अपना दुख व्यक्त करते हुए आडवाणी ने कहा, “मैं नहीं जानता कि आप में से कितनों को इस सच्चाई का सामना है. लेकिन मैं जब वास्तविकता को सोचता हूं तो दुख होता है.” अपने पैतृक भूमि से दूर रहने और दूसरे देश का हिस्सा बन जाने पर आडवाणी ने कहा, “जब भारत को आजादी मिली, जब हमें आजादी मिली, तब सिंध हमसे अलग हो गया. सिंध, भारत का हिस्सा नहीं है, यह मेरे साथ-साथ उन सभी को दुखी करता है, जो कभी वहां रहे.”

आडवाणी ने आगे कहा, “सिंध अविभाजित भारत का हिस्सा था, जब यह स्वतंत्र नहीं था और ब्रिटेन का उपनिवेश था. मैंने उसी भाग में जन्म लिया, मेरा वहां घर था.”

अपनी मिट्टी से दूर रहने और वहां अपने बिताए दिन को दुखी मन से याद करते हुए उन्होंने कहा, “तब मुझे काफी दुख हुआ था कि कराची और सिंध भारत का हिस्सा नहीं बना. मैं बचपन से ही आरएसएस में सक्रिय रहा हूं. ये दुख की बात है. मैं समझता हूं कि सिंध के बिना भारत अधूरा लगता है.”

आडवाणी का जन्म कराची में हुआ. उनके परिवार का वहां कारोबार था. उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा कराची के सेंट पैट्रिक हाई स्कूल से ली. सिंध के हैदराबाद स्थित डीजी नेशनल कॉलेज में भी उन्होंने पढ़ाई की. बंटवारे के वक़्त उनका परिवार कराची से मुंबई आकर बस गया. उन्होंने बॉम्बे यूनिवर्सिटी के गवर्मेंट कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की.