नक्सल समस्या का कोई शॉर्टकट नहीं, 20 सालो में 12,000 लोगों की जानें गई, गृह मंत्री

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नक्सल समस्या पर आज बुलाई गयी समीक्षा बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, मुझे विश्वास है कि पूरी ताकत और नई रणनीति के साथ हम नक्सलियों का सफलतापूर्वक सामना करेंगे। वामपंथी कट्टरपंथ से लड़ने का मूलभूत नियम है कि उनकी वित्तीय संसाधनों तक पहुंच को रोक दिया जाए। बीते बीस वर्षों में माओवादी हिंसा के कारण लगभग 12,000 लोगों की जानें गई।

गृह मंत्री ने कहा कि नक्सल समस्या का तुरत-फुरत हल नहीं निकला जा सकता, इसका कोई शॉर्टकट भी नहीं है, इस समस्या को लघु-अवधि, मध्यम-अवधि और दीर्घकालिक हलों के जरिए ही सुलझाया जा सकता है। मुझे विश्वास है कि विकास को रोकने और बंदूक की नोक पर लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश कभी भी कामयाब नहीं होगी।

राजनाथ ने कहा कि जमीन पर सुरक्षाबलों में नेतृत्व की कमी नहीं होनी चाहिए। उद्देश्य और कार्रवाई में एकता जरूरी है। हमें सुनिश्चित करना होगा कि नक्सल ऑपरेशन पर राज्यों को अपना अधिकार सुनिश्चित करना होगा और सीआरपीएफ के साथ सहयोग कर काम करना होगा।

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सुरक्षा अधिकारियों से कहा है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में किसी सड़क की मरम्मत या विकास कार्य पर नजर रख रहे सुरक्षाकर्मियों पर लगातार होने वाले हमलों का समाधान तलाशने के लिए वे कुछ अलग तरह से विचार करें। गृह मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा समय में 90 प्रतिशत नक्सली गतिविधियां 35 जिलों में सिमट गई हैं।