हाईकोर्ट ने जय गुरुदेव ट्रस्ट के अवैध कब्जे को ध्वस्त करने का आदेश दिया

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हाईकोर्ट ने राज्य औद्योगिक विकास निगम मथुरा की जमीन पर बाबा जय गुरूदेव धर्म प्रचार संस्था के अवैध कब्जे की जांच का आदेश दिया है।

हाईकोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश देने के बावजूद निर्माण कार्य जारी रखने पर दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और निर्माण ध्वस्त करने के लिए कहा है। कोर्ट ने जिला जज मथुरा को भी निर्देश दिया है कि जय गुरुदेव ट्रस्ट के लंबित सिविल वाद का शीघ्र निस्तारण किया जाए तथा लखनऊ खंडपीठ में लंबित मुकदमे के निस्तारण के लिए कदम उठाए जाएं।

मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति राजीव जोशी की पीठ ने विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट कहा कि उस स्थान पर पेड़ लगाकर हरियाली बहाल की जाए।

याचिका में कहा गया है कि पार्कों के लिए निर्धारित जमीन भी उद्योगों को आवंटित कर दी गई। कोर्ट ने पार्कों को खालीकर उद्योगों को दूसरी जमीन आवंटित करने या उनका पैसा वापस करने का आदेश दिया था। इस पर यूपीएसआईडीसी ने बताया कि जमीन पर जयगुरुदेव ट्रस्ट ने कब्जा कर रखा है। याचिका पर अगली सुनवाई 20 दिसंबर को होगी।

मुख्य सचिव से कहा है कि 28 साल पुराने प्लान के तहत पांचों पार्कों में हरियाली नहीं होने की भी जांच कराई जाए। इसमें दोषी पाए गए अधिकारियों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी प्रमुख सचिव से मांगी है। याची राजेंद्र सिंह का कहना है कि औद्योगिक विकास क्षेत्र के लिए अधिग्रहीत भूमि पर बाबा जयगुरुदेव ट्रस्ट ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया और कोर्ट के यथास्थिति के आदेश के बावजूद निर्माण कार्य जारी रखा गया है।