अमरोहा में बंद कमरे में कराई जाएगी हसीन-शमी की सुलह

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हसीन-शमी में सुलह कराने को बिरादरी के लोगों ने बुजुर्गों का फार्मूला अपनाने की ठान ली है यानी हसीन-शमी को बंद कमरे में एक-दूसरे को गलतफहमी दूर करने का मौका दिया जाएगा। तीन दिन बाद यानी 14 मई को शमी अमरोहा पहुंच रहे हैं। पंचायत से जुड़े लोगों की मानें तो शमी ने बिरादरी के लोगों के समझाने पर हसीन से विवाद निपटाने को हामी भर रखी है, जबकि इससे पहले हसीन भी पंचायत के फैसले के अनुसार मामले के निपटारे को तैयार है। पंचायत से जुड़े लोग हसीन और शमी से लगातार वार्ता कर रहे हैं।

पंचायत से जुड़े लोगों की मानें तो शमी और हसीन में नाराजगी का बड़ा कारण कुछ दूसरे लोग है, जिन्होंने हसीन और शमी को बिना कारण भी भड़काया है। पंचायत से जुड़े लोगों का मानना है कि दोनों में नाराजगी की गई बातें आमने-सामने बैठने में दूर हो जाएंगी, इसके लिये दोनों को बंद कमरे में गिले-सिकबे दूर करने का मौका दिया जाएगा, ऐसा करने से दोनों के बीच की गलतफहमी दूर होने में आसानी होगी।

पंचायत से जुड़े लोगों का मानना है कि दोनों में सुलह कराने के लिये बुजुर्गों का तरीका यानी देसी फार्मूला अधिक कारगर हो सकता है। एक मौजूदा व्यक्ति की मानें तो पति-पत्नी के मामले में तीसरा कोई कुछ नहीं कर सकता है, अगर दोनों की बात आमने-सामने अकेले में होगी, दोनों सुलह जरूर हो जाएगी।

हसीन-शमी में सुलह की बात बनती नजर आ रही है। पंचायत से जुड़े लोग 14 मई को ही मामले का निपटारा करने की तैयारी में है, जिस कारण पंचायत के लोग बिरादरी के दूसरे मौजूदा लोगों और कुछ रिश्तेदारों को भी मनाने में जुटे हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर किसी भी मनमुटाव या गलतफहमी को दूर किया जा सके। इसके लिये पंचायत में सुलह कराने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

पंचायत से जुड़े शमीम अहमद और हसीन ने मीडिया से अपील की है कि वह अफवाहों को न फैलाएं। हसीन ने कहा कि उनके विवाद की बड़ी वजह कुछ ही लोग है, जो नहीं चाहते कि शमी और हसीन एक हो। उन्होंने कहा कि वह अपना परिवार बचाने को संघर्ष कर रही है, जिसे पंचायत से काफी उम्मीदें हैं।

source-Hindustan