हरियाणा सरकार ने मानी छात्राओं की मांग, 10 छात्रा अस्पताल में भर्ती

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बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओं के पीएम मोदी की मुहिम का असली चेहरा हरियाणा के रेवाड़ी में सामने आया है, यहां पिछले एक हफ्ते से छात्राएं अपनी पढ़ाई के लिए अनशन पर बैठी हैं। रेवाड़ी में छात्राएं अपने गांव में स्कूल को 10वीं से 12वीं तक किए जाने के साथ स्नातक की मान्यता देने की मांग को लेकर अनशन पर बैठीं थी। पिछले एक हफ्ते से अनशन पर बैठी 10 छात्राओं की हालत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

10 मई से अनशन कर रही छात्राओं की आखिरकार खट्टर सरकार ने सुध लेते हुए छात्राओं की मांग को स्वीकार कर लिया है। हरियाणा की खट्टर सरकार ने प्रशासन को निर्देश देकर छात्राओं की मांग को पूरा करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने स्कूल को 12वीं तक करने का आदेश दिया है। आपको बता दें कि हरियाणा में छात्राएं अपने स्कूल को 10वीं से 12वीं तक करने की मांग कर रही थी और इसके लिए स्कूल की छात्राएं अनशन पर बैठ गई थी। छात्राओं का कहना था कि उनके गांव में उनके स्कूल को 10वीं से 12वीं तक की मान्यता दी जाए। छात्राओं का आरोप है कि वह अपने गांव से दूर जब दूर स्कूल में पढ़ने जाती थी तो रास्ते में उन्हें मनचले छेड़ते थे।

रेवाड़ी की तकरीबन 80 छात्राएं पिछले एक हफ्ते से अनशन पर बैठीं थी। ऐसे में एक हफ्ते बाद ही सही लेकिन आखिरकार हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर सरकार ने छात्राओं की सुध ली है और सभी छात्राओं की मांग को स्वीकार कर लिया है। हालांकि खट्टर सरकार ने इस बात का ऐलान कर दिया है कि स्कूल को 12वीं तक कर दिया जाए, लेकिन बावजूद इसके छात्राएं अनशन तोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक उन्हें किसी तरह का लिखित आश्वासन नहीं मिलता है वह अनशन नहीं तोड़ेंगी।

जानकारी के अनुसार इस पूरे मामले में हरियाणा के शिक्षा मंत्री जल्द ही प्रेस कांफ्रेंस करके स्कूल को 12वीं तक मान्यता देने का ऐलान करेंगे। अनशन पर बैठी छात्राओं से मुलाकात करने के लिए तमाम प्रशासनिक अधिकारी औऱ भाजपा नेता मुलाकात करने पहुंचे। एक तरफ जहां भाजपा नेता का दावा है कि चार दिनों से हम लगातार छात्राओं से संपर्क में हैं और इनसे मुलाकात भी की है, लेकिन नेताओं के इन दावों को छात्राओं ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनसे आजतक कोई भी मुलाकात करने के लिए नहीं आया।