GST: 200 से ज्यादा चीजें सस्ती, सरकार को 20 हजार करोड़ का नुकसान

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वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की 23वीं बैठक में व्यापारियों सहित आम नागरिकों को राहत देते हुए सरकार ने 200 से ज्यादा वस्तुओं पर टैक्स कम करने घोषणा की है।

रोजाना इस्तेमाल की 178 वस्तुओं पर 28 फीसदी के बजाय अब 18 फीसदी जीएसटी लिया जाएगा। जबकि बाहर रेस्टोरेंट में खाने पर 5 फीसदी टैक्स का ही भुगतान करना होगा। उन्होंने कहा कि परिषद समय-समय पर मूल्यों की समीक्षा करती रहेगी।

बैठक के बाद जेटली ने मीडिया से बात करते हुए इस बात की जानकारी दी कि लक्जरी उत्पादों के साथ सीमेंट और पेंट आदि सहित 48 ऐसी वस्तुएं हैं जिनपर अब 28 फीसदी टैक्स के दायरे में रह गए हैं। जबकि पहले 228 वस्तुएं इसमें शामिल थीं।

परिषद ने यह फैसला लिया है कि फाइव स्टार होटलों को छोड़कर बाकी सभी रेस्टोरेंट में अब पांच फीसदी के स्लैब में आएंगे लेकिन उन्हें इनपुट क्रेडिट नहीं मिलेगा। वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि रेस्टोरेंट मालिक इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा उपभोक्ताओं को नहीं दे रहे थे। इसलिए नई व्यवस्था लागू की गई है।

साढ़े सात हजार रुपये से ज्यादा किराए वाले होटलों में चल रहे रेस्टोरेंट पर 18 फीसदी का टैक्स लगेगा और उन्हें इनपुट क्रेडिट भी मिलेगा। इससे पहले गैर एसी रेस्टोरेंट पर 12 फीसदी और एसी रेस्टोरेंट पर 28 फीसदी का टैक्स था।

मोदी सरकार ने आर्थिक सुस्ती के बीच आम जनता और व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए जीएसटी में अब तक के सबसे बड़े बदलाव के तहत च्यूइंग गम से चॉकलेट और सौंदर्य प्रसाधन से लेकर कलाई घड़ी तक 200 से ज्यादा चीजों पर टैक्स की दरें कम करने की घोषणा की है।

दैनिक उपयोग की 178 वस्तुओं पर 28 फीसदी के बजाय अब 18 फीसदी जीएसटी वसूला जाएगा। सरकार के इस कदम से पेंट और सीमेंट को छोड़कर घर बनाने की सभी वस्तुएं सस्ती हो गई हैं।

इसके अलावा फाइव स्टार होटलों को छोड़कर सभी रेस्त्रां पर एक समान पांच फीसदी का टैक्स लिया जाएगा। शुक्रवार को जीएसटी परिषद की गुवाहाटी में हुई 23वीं बैठक में सर्वसम्मति से ये फैसले किए गए। अब 28 फीसदी के उच्चतम दर के दायरे में सिर्फ 50 लग्जरी वस्तुएं बच गई हैं। इस निर्णय से सरकार को सालाना 20 हजार करोड़ रुपये के राजस्व की चपत लगेगी।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने परिषद की बैठक के बाद उसके फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि 13 वस्तुओं पर टैक्स 18 से घटाकर 12 फीसदी, छह वस्तुओं पर 18 से घटाकर पांच फीसदी, छह वस्तुओं पर पांच से घटाकर शून्य और आठ वस्तुओं पर 12 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी कर दिया गया है। इस फैसले के बाद पेंट और सीमेंट को छोड़कर घर बनाने के सभी सामान सस्ते होंगे।

अरुण जेटली ने बताया कि ये सारे बदलाव अधिसूचना जारी होने के बाद 15 नवंबर से लागू होने की उम्मीद है।