अब कस्टमर Flipkart पर ऑर्डर करने से पहले कपड़े डिजाइन भी कर पाएंगे

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देश की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट माइक्रोसॉफ्ट की क्लाउड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगी। इरादा कस्टमर्स की शॉपिंग को पर्सनलाइज करने का है। कंपनी के फाउंडर और ग्रुप सीईओ बिन्नी बंसल का दावा है फ्लिपकार्ट पर कस्टमर की जरूरत के हिसाब से प्रोडक्ट के ऑप्शन मिलेंगे। जैसे- फैशन में कस्टमर्स कपड़े ऑर्डर करने से पहले उसे खुद डिजाइन कर सकेंगे। कंपनी जल्दी ही यह ग्रॉसरी सेगमेंट में भी उतरने जा रही है। बिन्नी बंसल ने दावा किया कि कंपनी का कोर बिजनेस फाइनेंशियली सेल्फ डिपेंड हो चुकी है, अब कंपनी मुनाफे की ओर बढ़ रही है। और क्या बताया बिन्नी ने…
# फ्लिपकार्ट 10th एनिवर्सरी मना रही है। इस मौके पर आप क्या नया कर रहे हैं?
– “2007 में हमने बिजनेस शुरू किया तो भारत में ई-कॉमर्स का कोई मार्केट नहीं था। शहरों में लोगों के पास प्रोडक्ट के बहुत ऑप्शन थे। हम पूरे देश में यह ऑप्शंस देना चाहते थे। लेकिन इसके लिए कोई बना-बनाया लॉजिस्टिक नेटवर्क नहीं था। हमें कुछ ऐसा करना था जिसपर लोग भरोसा कर सकें। हमने ‘कैश ऑन डिलीवरी’ शुरू की तो लोगों को ऑनलाइन शॉपिंग पर भरोसा होने लगा। इसके बाद एक दिन में डिलीवरी, बगैर इंटरेस्ट के ईएमआई और रिटर्न पॉलिसी के जरिए हमने लोगों की खरीदारी का तरीका बदला। 10 साल के लिहाज से हम अब भी यंग कंपनी हैं। पिछले 10 वर्षों में हमने एक्सपीरियंस हासिल किया, अगले 10 साल 50 करोड़ लोगों को ऑनलाइन लाने के लिए अहम हैं। मार्केट लीडर होने के नाते यह हमारी जिम्मेदारी भी है। एनिवर्सरी के मौके पर हमने कस्टमर्स, इम्प्लॉइज, सेलर्स के लिए इवेंट का प्लान बनाया है।”
# ईकॉमर्स में कई मर्जर-एक्विजिशन हुए हैं। कई की बात भी चल रही है। क्या इससे बाजार में मोनोपोली नहीं बनेगी?
– “भारत के बहुत बड़े रिटेल मार्केट में ई-कॉमर्स का हिस्सा सिर्फ 2% है। रिटेल चेन में बहुत सी बिग, मीडियम और स्मॉल इंडस्ट्री हैं। ग्रॉसरी स्टोर्स भी हैं। इसलिए मुझे लगता है कि ई-कॉमर्स में भी अभी कई कंपनियों के लिए गुंजाइश है, जिससे मोनोपोली नहीं होगी।”
# आपने रिटर्न पॉलिसी बदली है। इससे सेल (जीएमवी) पर कोई असर हुआ?
– बीते एक साल से हमने पॉलिसी नहीं बदली है। हमने हाल ही में पॉलिसी के सिर्फ वर्ड्स बदले हैं। इसे खरीदारों के लिए आसान किया गया है।
# फ्लिपकार्ट ने पिछले दिनों 1.4 अरब डॉलर (9000 करोड़ रुपए) जुटाए। इसका इस्तेमाल नए ऑफर्स में होगा या नए बिजनेस में?
– “हम नई पूंजी का इस्तेमाल ग्रॉसरी, प्राइवेट लेबल, फर्नीचर जैसे नए बिजनेस में करेंगे। ई-पेमेंट भी हमारी स्ट्रैटजी का अहम हिस्सा है। हम इसे बढ़ाना चाहते हैं। पूंजी की जरूरत के लिहाज से हमारा कोर बिजनेस सेल्फ डिपेंड है। इसलिए इसमें इन्वेस्टमेंट नहीं करेंगे।”
# आप ग्रॉसरी बिजनेस में दोबारा आ रहे हैं। इसमें पहले से कई कंपनियां हैं। पुराने एक्सपीरियंस को देखते हुए आप इस बार क्या करेंगे? एक्विजिशन का प्लान है?
– “फ्लिपकार्ट इनोवेशन के जरिए कस्टमर्स को बेहतर एक्सपीरियंस देने के लिए जानी जाती है। हम ग्रॉसरी शॉपिंग में भी खरीदारों को ऐसे एक्सपीरियंस देंगे जैसा पहले किसी कंपनी ने नहीं दिया होगा। एक्विजिशन पर अभी कुछ नहीं कहूंगा।”
# जीएसटी में सोर्स पर 1% टैक्स कटौती (टीसीएस) का प्रोविजन है। ई-कॉमर्स प्रोवाइडर कंपनी यह कटौती करेगी। इससे मार्केट पर क्या असर होगा?
– “जीएसटी हाल के सालों में सबसे बड़ा इकोनॉमिक रीफॉर्म है, लेकिन मेरा मानना है कि 1% टीसीएस से सेलर्स की कॉस्ट बढ़ेगी। उनकी काफी रकम सिस्टम में लॉक हो जाएगी। ई-कॉमर्स पहले ही डिजिटल है, इसमें ट्रांजैक्शन का पूरा हिसाब देखा जा सकता है। इसलिए टीसीएस से कोई एक्सट्रा बेनिफिट नहीं होने वाला।”
# सेलर्स के लिए आप सबसे सस्ता मार्केटप्लेस होने का दावा करते हैं। नए सेलर्स के लिए आप बताएंगे कि दूसरों से आप कितने सस्ते हैं?
– “हमारे प्लेटफॉर्म पर एक लाख से ज्यादा सेलर्स हैं। एक साल में हमने उनके सिलेक्शन का तरीका सुधारा है। हमारी फिक्स्ड फीस 80%-90% कैटेगरी में दूसरों से कम है। इसका फायदा सेलर्स के साथ कस्टमर्स को भी होता है। कस्टमर को बेहतर एक्सपीरियंस देने वाले सेलर्स को हम िरवॉर्ड दे रहे हैं। बहुत से सेलर्स को हमने गोल्ड स्टेटस दिया है।”
# आप नए फुलफिलमेंट सेंटर बना रहे हैं? अभी ऐसे कितने सेंटर हैं?
– “पहुंच एक बड़ी वजह है जिसके दम पर फ्लिपकार्ट का बिजनेस बढ़ा है। अगर बिहार के भागलपुर से कोई स्मार्टफोन का ऑर्डर देता है तो उसे भी डिलीवरी उतने समय में ही मिलनी चाहिए जितने समय में दूसरों को मिलती है। इसके लिए देशभर में फुलफिलमेंट सेंटर होना जरूरी है। अभी पूरे देश में हमारे 21 फुलफिलमेंट सेंटर हैं।”
# ई-कॉमर्स कंपनियां घाटे में हैं। मुनाफे में आने में कितना वक्त लग सकता है?
– “जैसा मैंने पहले कहा, हमारा कोर बिजनेस पूंजी की जरूरत के लिहाज से सेल्फ डिपेंड हो चुका है। इसलिए अब हम मुनाफे की ओर बढ़ रहे हैं।
कर्मचारियों की संख्या 30% तक बढ़ाएगी फ्लिपकार्ट
– बिन्नी ने बताया, “हम इस साल हेडकाउंट 20%-30% बढ़ाना चाहते हैं। हम सप्लाई चेन नेटवर्क और इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी में टैलेंट पूल बढ़ाएंगे। इनके अलावा ग्रॉसरी, बड़े अप्लायंसेज, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और फर्नीचर सेगमेंट में भी नए लोग रखे जाएंगे।”
कस्टमर को उनकी जरूरत के हिसाब से प्रोडक्ट के ऑप्शन मिलेंगे
– बिन्नी ने बताया, “हमने फरवरी में माइक्रोसॉफ्ट के साथ पार्टनरशिप का एलान किया था। हम उसकी क्लाउड टेक्नीक का इस्तेमाल करेंगे। इससे फ्लिपकार्ट पर शॉपिंग करने वालों को बेहतर एक्सपीरियंस मिलेंगे। हम लोगों की शॉपिंग को पर्सनलाइज करना चाहते हैं। कस्टमर की जरूरत के हिसाब से प्रोडक्ट के ऑप्शन मिलेंगे। जैसे- फैशन में कस्टमर्स कपड़े ऑर्डर करने से पहले उसे खुद डिजाइन कर सकेंगे।
source- DB