बहुत से किसानों के फसली ऋण माफी के दायरे में नही

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राज्य सरकार की फसली ऋण माफी योजना के तहत किसानों के स्वयं सहायता समूहों और संयुक्त दायित्व समूहों द्वारा प्राप्त किये गए फसली ऋण माफ नहीं किये जाएंगे। फसली ऋण माफी योजना के बारे में जारी शासनादेश में सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है। शासनादेश में कहा गया है कि यदि किसी किसान ने खेती की एक ही जमीन पर एक ही उद्देश्य के लिए एक से अधिक बैंकों से कर्ज लिया है तो उसे योजना का लाभ नहीं मिलेगा। यदि किसान ने विभिन्न फसलों के लिए एक से अधिक बैंकों से विभिन्न कृषि भूमियों को बंधक रखे जाने के एवज में कर्ज लिया है तो उसे ऋण माफी का लाभ एक लाख रुपये की सीमा तक आनुपातिक रूप में ही मंजूर किया जाएगा।

फसली ऋण को छोड़कर मछली पालन या कृषि से जुड़े किसी प्रकार के क्रियाकलाप के लिए यदि कर्ज लिया गया है तो वह भी इस योजना के दायरे से बाहर होगा। ऐसे मामले, जहां किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़े खाते से निकाली गई धनराशि का दुरुपयोग किया गया हो या उसको खेती के लिए इस्तेमाल न कर अन्य किसी आवधिक या आवर्ती जमा खाते में जमा किया गया हो, वे भी फसली ऋण माफी योजना से कवर नहीं होंगे। किसानों को कंपनियों या अन्य कार्पोरेट संस्थाओं द्वारा प्रत्याभूत ऋण भले ही ऋण प्रदाता संस्थाओं द्वारा वितरित किया गया हो तथा न्यास, साझीदारी, सूक्ष्म वित्तीय संस्थाओं/अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों द्वारा दिया गया ऋण भी माफ नहीं होगा।