सरकार ने 81 लाख आधार कार्ड ब्लॉक किए

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केंद्र सरकार ने करीब 81 लाख से ज्यादा आधार कार्ड डिएक्टिव कर दिये हैं। ये कदम आधार कार्ड को जारी करने वाली संस्था यूनिक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) का है।

सरकार की तरफ से इलेक्ट्रोनिक और आईटी मंत्री पी पी चौधरी ने राज्यसभा को हाल ही में यह जानकारी दी थी कि आधार एक्ट के सेक्शन 27 और 28 के तहत इस तरह का कदम उठाया गया है।

सरकार के इस कदम का असर सबसे ज्यादा बच्चों और युवाओं के आधार कार्ड पर पड़ा है, जिनकी उम्र 18 साल से कम है। सरकार ने 5 साल की उम्र पार करने वाले बच्चों के आधार कार्ड भी ब्लॉक कर दिए हैं, जिनके माता-पिता ने दो साल का ग्रेस पीरियड बीत जाने के बाद भी इनको अपडेट नहीं कराया है।

अगर आपने अपने आधार कार्ड का लगातार तीन सालों तक इस्तेमाल नहीं किया तो आधार नंबर को जारी करने वाली संस्था UIDAI इसे ब्लॉक कर सकती है। इसलिए आपको सलाह है कि आधार नंबर जारी होने के बाद इसका इस्तेमाल जरूर कर लें ताकि ये ब्लॉक न हो।

आप अपने आधार कार्ड को बैंक अकाउंट से लिंक करा सकते हैं। अगर आईटीआर भरते हैं तो फिर अपने पैन कार्ड से इसे लिंक करा दें। नया पैन कार्ड बनवाना हो तो फिर अपना आधार नंबर जरूर दें या फिर नया मोबाइल कनेक्शन लेने के लिए आधार का प्रयोग कर लें। इससे आपका आधार नंबर एक्टिव रहेगा और फिर ब्लॉक नहीं होगा।

अगर आधार नंबर ब्लॉक हो गया है तो फिर इसको जानने के लिए UIDAI की वेबसाइट पर जाकर के वैरिफाई आधार नंबर पर क्लिक करें। वहां पर अपना आधार नंबर और सिक्युरिटी कोड डालें। कोड डालने के बाद अगर वेबसाइट पर हरा निशान आता है, तो इसका मतलब है कि आपका आधार एक्टिव है। इसके बाद स्क्रीन पर आपकी सारी डिटेल आ जाएगी।

आधार नंबर के ब्लॉक होने की स्थिति में आपको फिर से आधार केंद्र पर जाना होगा, जहां आपको फॉर्म भरके अपने बॉयोमेट्रिक्स भी देने होंगे। इसके साथ ही अपना मोबाइल नंबर भी देना होगा। पहले वाली बॉयोमेट्रिक्स और दुबारा से ली गई बॉयोमेट्रिक्स डिटेल्स को मैच करने के बाद आपका आधार नंबर फिर से एक्टिव हो जाएगा। इसके लिए आपसे 25 रुपये फीस भी ली जाएगी।