सिक्किम को कराओ भारत से आजाद: चीनी मीडिया

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चीनी अखबार ने भारत और चीन सीमा पर चल रहे विवाद के बीच सिक्किम को ‘आजाद’ कराने और भारत से अलग करने की बात कही है। साथ ही चीनी मीडिया का कहना है कि बीजिंग को विश्व के सामने सीमा संधियों के उल्लंखन को लेकर रैली करनी चाहिए और नई दिल्ली को भूटान पर दबाव डालने से भी रोकना चाहिए।

गौरतलब है कि भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच सिक्किम बॉर्डर पर तनातनी चल रही है। चीन ने भारतीय सैनिकों पर चीनी सेना में घुसने का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि भारतीय सैनिकों ने चीनी सीमा में घुसकर डोकलाम में चल रहे रोड निर्माण कार्य को रोका है। वहीं इस क्षेत्र पर भूटान अपना अधिकार बता रहा है।

भारत भूटान के इस दावे का समर्थन कर रहा है। भारत का कहाना है कि चीन भूटान की सीमा में रोड निर्माण कर रहा है। जिससे उसके सीमा की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। दोनों देशों के बीच इस बात को लेकर बीते एक महीने से गहमागहमी चल रही है।

बुधवार को राज्य रक्षा मंत्री सुभाष भाम्रे ने कहा कि सिक्किम-भूटान-तिब्बत तिराहे पर चल रहा विवाद केवल कूटनीतिक तरीके से हल किया जा सकता है। हम यहीं चाहते हैं। जबकि गुरुवार को चीन के राजनीतिक सलाहकार ली या ने कहा कि भारतीय सेना को पीछे हटना होगा। वह सुरक्षा के नाम पर किसी अन्य देश की सीमा में नहीं घुस सकता। भारत और चीन के बीच बातचीत के लिए यह पहली शर्त है।

चीन ने सरकारी अखबार ने दावा किया है कि सिक्किम सेक्टर के डोकलाम में चल रही भारत के साथ तनातनी के बीच चीनी सेना ने समुद्र तल से 5100 मीटर की ऊंचाई पर पूरे साजो सामान के साथ सैन्य अभ्यास किया है.

ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस सैन्य अभ्यास में पीपुल लिबरेशन आर्मी के सबसे उन्नत युद्धक टैंक 96बी भी शामिल थे. हालांकि रिपोर्ट में यह दावा नहीं किया गया है कि यह सैन्य अभ्यास कब हुआ है. लेकिन अखबार ने गुरुवार को ‘मिलिट्री ताकत की गलतफहमी न पाले भारत’ शीर्षक वाली खबर में इस बारे में इंगित किया था.

पीएलए एयर फोर्स कमांड कॉलेज के वाइस प्रेसिडेंट और पीएलए के रिटायर्ड जनरल झू हेपिंग ने कहा कि भारत डोकलाम में सड़क निर्माण को रोक नहीं पाएगा. बता दें कि 16 जून को इस रोड के निर्माण को भारतीय सैनिकों द्वारा रोकने के बाद और भूटान द्वारा आपत्ति जताने के बीच चीन के साथ सीमा पर तनातनी बढ़ गई है. चीन इस इलाके को अपना हिस्सा मानता है.

रिटायर्ड मेजर जनरल झू ने कहा, ‘भारत का हस्तक्षेप चीन को लेकर उसका रुझान दर्शाता है. यह एक बहुत ही छोटा और संकरा इलाका है, जहां बड़ी संख्या में सैनिकों को पूरी तरह तैनात भी नहीं किया जा सकता.’

उन्होंने सवाल करते हुए कहा, ‘क्या आपको लगता है कि कुछ मिलिट्री वाहनों और सैनिकों के साथ सीमा पर चीन के सड़क निर्माण कार्यक्रम को रोका जा सकता है.’ झू ने कहा कि चीनी सेना लगातार ताकतवर और मजबूत होती जा रही है और भारतीय सेना उसके मुकाबले में नहीं है. भारत की उकसाने वाली कार्रवाई का कोई असर नहीं होने जा रहा है.

चीनी अखबार ने दावा किया है कि चीन ने डोकलाम सीमा के पास सैन्य अभ्यास किया है, जिसमें 96बी टैंक का इस्तेमाल किया गया। अखबार ने यह भी कहा है कि यह अभ्यास भारत की गलतफहमी दूर करने के लिए है।