महाराष्ट्र में 24 घंटे के अंदर चार किसानों ने की आत्महत्या, सरकार मुश्किल में

33
SHARE

किसानों के मुद्दे पर मध्य प्रदेश ही नहीं महाराष्ट्र में भी बीजेपी सरकार मुश्किल में घिरी हुई है. महाराष्ट्र में 24 घंटे के अंदर चार किसानों ने आत्महत्या कर ली है. ये किसान बढ़ते कर्ज से परेशान थे. एक जून से महाराष्ट्र में किसान कर्जमाफी को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. इन्हीं किसानों में नवनाथ भी शामिल थे. नवनाथ की तीन एकड़ की खेती है, जिसमें उन्होंने अंगूर की बेल लगाई थी. खेती के लिए नवनाथ ने जिला बैंक से तीन लाख कर्ज लिया था साथ ही परिवार के गहने गिरवी रखकर एक लाख का कर्जा और लिया था.

नवनाथ पिछले दो साल में खेती का खर्चा भी नहीं निकाल पा रहे थे. ऐसे में आंदोलन से भी कुछ ना निकलता देख नवनाथ ने जिंदगी की बजाए मौत को चुना. कुछ ऐसा ही हाल बाकी तीन किसानों का भी है.  नांदेड़ के परमेश्वर (40), सतारा के सुरेश शंकर (38) ने आत्महत्या की. वहीं, वर्धा के बलीराम इंगले (56) ने तो पुलिस स्टेशन में फांसी लगाकर जान दे दी. इन चारों का नाम महाराष्ट्र में आत्महत्या करने वाले किसानों की लिस्ट में जुड़ गया है. देश में सबसे ज्यादा किसानों की आत्महत्या की खबरें महाराष्ट्र से ही आती हैं. मराठवाड़ा और विदर्भ में सबसे ज्यादा किसान आत्महत्या करते हैं.आंकड़ों के मुताबिक. देश में जितने भी किसानों ने आत्महत्याएं की हैं. उनमें से 45 फीसदी किसान महाराष्ट्र से हैं. पिछले दो दशक में सबसे ज्यादा 64 हजार किसानों ने महाराष्ट्र में ही आत्महत्या की है.