2000 पत्थरबाज लेकर 7 मई को कश्मीर जायेगे कानपुर के संत, बोले एक ट्रक पत्थर तुड़वाकर रखा है

67
SHARE

जनसेना ऑर्गनाइजेशन के फाउंडर बालयोगी अरुण पुरी चैतन्य महाराज ने कहा कश्मीर में जो लोग पत्थरबाजी कर भारत की एकता को नुकसान पहुंचा रहे हैं, उन्हें सबक सिखाने के लिए हम लोगों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। जहां तक बात प्रशासन की परमिशन की है, हमें इसकी जरूरत नहीं है। फिर भी हम कोशिश करेंगे कि प्रशासन हमारी भावना को समझे।

डीएम सुरेंद्र सिंह ने कहा जिला प्रशासन ने किसी को इस तरह के काम के लिए परमिशन नहीं दी है। ये वॉयलेंस फैलाने वाली टेन्डेंसी है। मैं एसएसपी आकाश कुलहरि से बात करूंगा और संत समाज से भी मुलाकात करूंगा।

चैतन्य महाराज ने बताया मेरे करीब डेढ़ हजार अनुयायी कश्मीर जाने को तैयार हैं। 7 मई को सुबह 10 बजे नानाराव पार्क में हम युद्ध विजय यज्ञ कर कश्मीर के लिए रवाना होंगे। मैंने एक ट्रक पत्थर तुड़वाकर रखा है, जिसे हम अपने साथ वहां लेकर जाएंगे। हमारे साथ शहर के हर वार्ड से करीब 10-10 ऐसे चुनिंदा पत्थरबाज हैं, जिनका निशाना अचूक है। हमने उन युवाओं को इस ट्रेनिंग में शामिल किया है, जो अपने देश के लिए मर-मिटने को तैयार हैं।

चैतन्य महाराज ने कहा चुने गए लोगों की रोजाना सुबह एक घंटे की ट्रेनिंग होती है। सबसे पहले हम गंगा किनारे एक पुतला बनाकर खड़ा कर देते हैं। इसके बाद करीब 40 फीट की दूरी से पुतले के चेहरे पर निशाना लगाया जाता है। इन सभी युवाओं का निशाना अचूक है। मैंने शहर से करीब 100 से 150 तो ऐसे लोगों को चुना है, जिन्हें मैं जब बुलाऊं, वो चले आएंगे। इन्हें मैंने स्पेशल ट्रेनिंग दी है। कानपुर से पत्थरबाज प्राइवेट गाड़ियों और ट्रेन के जरिए दिल्ली पहुंचेंगे। वहां हम महात्मा गांधी के समाधि स्थल पर जाएंगे। इसके बाद हमारा एक जत्था पीएम मोदी से मुलाकात करेगा। इसके बाद हम श्रीनगर के लिए रवाना होंगे। हम दो दिन का खाने-पीने का सामान भी साथ ले जा रहे हैं।

चैतन्य महाराज ने कहा कश्मीर में सैनिकों पर पत्थरबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। शहर के साधु-संतों ने एडीएम सिटी के जरिए पीएम मोदी को एक ज्ञापन दिया था। साधु-संतों और शहर के हजारों युवकों ने कश्मीर जाने की परमिशन मांगी थी, ताकि हम पत्थरबाजों को मुंहतोड़ जवाब दे सकें। जनसेवा समूह के संतों का मानना है कि पीएम की तरफ से कोई जवाब नहीं आने का मतलब है कि उन्होंने अपनी मौन स्वीकृति दे दी है।