पूर्व विधायक को ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड में आजीवन कारावास

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आज इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कल्याण सिंह की सरकार में ऊर्जा मंत्री रहे ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड में पूर्व विधायक विजय सिंह के साथ ही हत्या के आरोपी संजीव माहेश्वरी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। भाजपा के कद्दावर नेता ब्रह्मदत्त दिवेदी की हत्या के मामले में हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक और ब्रह्म दत्त के सियासी दुश्मन विजय सिंह को उम्र कैद की सजा सुनाई है।

भाजपा नेता और फर्रुखाबाद के पूर्व विधायक ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड में समाजवादी पार्टी के विधायक रहे विजय सिंह को फर्रुखाबाद की कोर्ट ने दोषी मानकर आजीवन कारावास की सजा दी थी। जिसको विजय सिंह ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इसके बाद मामले की सुनवाई लंबे समय से इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में चल रही थी। पूर्व सपा विधायक विजय सिंह और एक अन्य हत्यारोपी संजीव माहेश्वरी जीवा को इलाहाबाद हाइकोर्ट की लखनऊ बेंच ने आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखी।

हाईकोर्ट में जस्टिस लाम्बा और जस्टिस विजय लक्ष्मी ने विजय सिंह और संजीव माहेश्वरी की जमानत याचिका खारिज करते हुए यह सजा सुनाई। लखनऊ के प्रसिद्ध गेस्ट हॉउस कांड में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की जान बचाने वाले भाजपा नेता ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या में भाजपा के सांसद साक्षी महाराज का नाम भी सामने आया था।

ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या 10 फरवरी 1997 को बसंत पंचमी के दिन हुई थी। ब्रह्मदत्त की हत्या तब हुयी थी जब वे अपने घर से करीब आधा किलोमीटर दूर एक तिलक समाहरोह में शामिल होने गए। वही बाहर निकलते समय बाइक सवार दो लोगों ने उन पर गोली चलाई। आस-पास के लोगों ने हॉस्पिटल पहुंचाया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इसे यूपी के इतिहास का सबसे बड़ा राजनितिक हत्या काण्ड माना गया। फर्रुखाबाद के नेता ब्रह्म दत्त को प्रदेश का भावी मुख्यमंत्री माना जाता रहा था। हत्या में विधायक विजय सिंह का नाम सामने आया था जो ब्रह्म दत्त के सियासी दुश्मन थे और उनकी रंजिश ब्रह्मदत्त द्विवेदी के साथ हमेशा चर्चा में रही