मीरजापुर में बाढ़, महिला व पांच बच्चे बहे, दर्जनों मकान धराशायी

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पूर्वांचल में भारी बारिश के बाद मड़िहान थाना क्षेत्र के देवरिया उत्तर गांव में खजुरी नदी में आई बाढ़ का पानी घुस जाने से काफी लोग प्रभावित हुए हैं, छत पर तो कहीं बाहर लोग शरण लिए हुए हैं। मड़िहान तहसील क्षेत्र में तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश से बहरछठ टोला में बांध की पुलिया टूटी तो क्षेत्र के रैकल, बहरछठ, पिपरहां समेत कई मानव बस्तियां बुधवार की आधी रात से तीव्र जलप्रवाह की चपेट में है।

प्रभावित इलाकों में कुछ छतों पर तो कई घरों से बाहर शरण लिए हैं लगातार बारिश और बाढ की चपेट में आने से इस बीच दो मकान भी गिर गए हैं। कई प्रमुख इलाकों में तकरीबन पांच फीट ऊपर तक तीव्र जलप्रवाह की स्थिति है, हालात का जायजा लेने मौके पर डीएम और एसपी पहुंचे हुए हैं। वहीं जल निकासी के लिए जिला प्रशासन जेसीबी से प्रसास में लगा हुआ है। दरअसल बाणसागर नहर का पोल छोटा होने से जल निकासी नहीं हो पा रही है इस वजह से चारों तरफ से गांव घिरा हुआ है।

क्षे्त्र के पुरनिए बताते हैं कि चार दशक पूर्व इससे कम बाढ़ आई थी उस बाढ़ में भी कई गांव में मकान डूबे थे, रास्ता भी काफी समय तक अवरुद्ध हुआ था किंतु इस प्रकार की दैवी आपदा नहीं थी। कई बृद्ध बताते हैं कि यह बरसात का पानी नहीं है बल्कि कोई बादल फट गया था। सारी रात काफी तेज पानी गिरा जिसकी उम्मीद नहीं थी वो भी बांध और रास्ते तक टूट गए।

कई को तो खाने की मोहताज कर दिया है इस भारी बरसात ने। देर रात से सुबह तक पड़रिया का शिव सागर बांध व मलुआ का चेकडैम व बंधी भी टूटने से दो हजार बीघा धान की फसल प्रभावित हो गई है। मशहूर शिव सागर बांध तीस फ़ीट की चौड़ाई में टूटा है तो मलुआ का चेक डैम भी बह गया। इससे प्रभवित इलाकों में दो हजार बीघे धान की फसल प्रभावित हुई है। प्रचंड सूखे की स्थिति में भी यह बांध सिंचाई का प्रमुख माध्यम था।

लगातार बारिश और बाढ की स्थिति उत्‍पन्‍न होने से विन्ध्याचल थाना क्षेत्र के लेहडिया कामापुर कला मे महिला सहित पांच बच्चे खजुरी नदी मे बह गए। काफी खोजबीन के बाद महिला का शव मिला है हालांकि सभी बच्चे अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद प्रशासन बचाव व राहत के कार्य में लगा हुआ है।